बलरामपुर। मरीजों की सुविधा के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय का ब्लड बैंक काफी समय से खून की कमी से जूझ रहा है। यहां ओ निगेटिव ग्रुप का रक्त उपलब्ध ही नहीं है। जबकि बी निगेटिव, ओ पाॅजिटिव व एबी पॉजिटिव ग्रुप का रक्त भी महज एक-एक यूनिट ही उपलब्ध है। 600 यूनिट की क्षमता वाले इस ब्लड बैंक में महज 23 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। ऐसे में खून की कमी से जूझ रहे मरीजों को गोंडा व बहराइच तक दौड़ लगाना मजबूरी है।
गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, किडनी की खराबी, गर्भावस्था के दौरान एनीमिया से जूझ रही महिलाएं व सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को समय पर रक्त मुहैया कराने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में ब्लड बैंक संचालित है। यहां जरूरतमंद किसी भी ग्रुप का रक्तदान कर जरूरत के ग्रुप वाला रक्त प्राप्त कर सकते हैं। सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए यह सुविधा मुफ्त है। जबकि निजी नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों को एक यूनिट के लिए 1050 रुपये ट्रांजेक्शन शुल्क देना पड़ता है। बीते काफी दिनों से ब्लड बैंक खून की कमी से जूझ रहा है।
महज 23 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध
600 यूनिट स्टोरेज की क्षमता वाले इस ब्लड बैंक में महज 23 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। जिसमें बी पॉजिटिव ग्रुप का 11, ए पॉजिटिव ग्रुप का चार यूनिट, एबी निगेटिव ग्रुप का तीन, ए निगेटिव का दो, बी निगेटिव, ओ पॉजिटिव व एबी पॉजिटिव का एक-एक यूनिट ब्लड उपलब्ध है। ओ निगेटिव ग्रुप का खून यहां पर उपलब्ध ही नहीं है।
उतरौला निवासी विनोद कश्यप ने बताया कि गर्भवती पत्नी का ऑपरेशन कराने के लिए दो यूनिट ओ निगेटिव ब्लड की आवश्यकता थी। संयुक्त जिला चिकित्सालय में रक्त न मिलने पर बहराइच से लेकर आए। पचपेड़वा निवासी मोहम्मद अमान ने बताया कि ओ निगेटिव ब्लड के लिए दो दिन से दौड़ रहे हैं।
नियमित लगवाया जाता है शिविर
ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने के लिए नियमित रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। जिसमें एसएसबी के जवान समेत कई स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य बढ़चढ़ कर रक्तदान करते हैं। ब्लड बैंक में ऑनकाॅल रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं की सूची भी उपलब्ध है। हमारा प्रयास रहता है कि जरूरतमंदों को समय पर ब्लड उपलब्ध कराया जा सके।
- डा. प्रवीण कुमार, सीएमएस, संयुक्त जिला चिकित्सालय बलरामपुर