बलरामपुर। देवीपाटन मंडल के उपनिदेशक मत्स्य राजेंद्र सिंह बिष्ट ने रविवार को जिले का निरीक्षण किया। विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए ज्यादा से ज्यादा मछुआ समुदाय के लोगों को मत्स्य विभाग की योजनाओं से लाभान्वित करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने मत्स्य आहार मिल व प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत निर्मित परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया।
उप निदेशक ने सबसे पहले मत्स्य विभाग के कार्यालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सहायक निदेशक मत्स्य को योजनाओं का प्रचार-प्रसार करके मछुआ समाज के लोगों को लाभ दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना तथा निषादराज बोट योजना के प्रगति की समीक्षा भी की। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ सोनपुर गांव में निर्माणाधीन लघु मत्स्य आहार मिल का निरीक्षण किया। लाभार्थी उदयचंद को समस्त कार्य पूर्ण करके शीघ्र मिल का संचालन कराने का निर्देश दिया।
उतरौला के ग्राम जाफराबाद में प्यारी देवी द्वारा निर्मित बृहद आकार के तालाब तथा मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अनुदानित विभागीय जलाशय चितरपारा कान्हा का निरीक्षण किया। उप निदेशक मत्स्य ने लाभार्थियों से बातचीत कर मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रोत्साहित भी किया। मछली पालक अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने अप्रैल में पंगेशियस मछली के बच्चे टैंक में डाले थे, जो अब लगभग 700 ग्राम के हो गए हैं। अक्टूबर माह तक यह बिक्री के लिए तैयार हो जाएंगे। इससे करीब 10 लाख रुपये लाभ प्राप्त होगा। इस अवसर पर सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. विनोद वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेवती रमण चौधरी, मत्स्य निरीक्षक बलराम आदि मौजूद रहे।