बलरामपुर। मंकी पाॅक्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी में इसके मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। आशा कार्यकर्ताओं को विदेश से आने वालों की निगरानी के साथ ही लक्षण दिखने पर तत्काल विभागीय अधिकारियों को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि अभी जिले में मंकी पाॅक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है। शासन के निर्देशानुसार एडवायजरी जारी कर दी गई है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में 10 बेड का वार्ड मंकी पाॅक्स के मरीजों के लिए आरक्षित करने का निर्देश दिया गया है। वार्ड में खिड़कियों पर जाली व बेड पर मच्छरदानी लगाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को शरीर पर दाग, जलन व बुखार के लक्षण हों तो तत्काल चिकित्सक की सलाह लें। बुखार आना, ठंड लगना, त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना, सिर व पीठ में तेज दर्द, मांसपेशियों में दर्द, लसीका ग्रंथि में सूजन आदि मंकी पाॅक्स के प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि मंकी पाॅक्स जंगली जानवरों के काटने, उनका मांस खाने व उनके शारीरिक द्रवों को मानव शरीर से संपर्क होने से फैलता है।