बलरामपुर। ग्लूकोमा जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत सोमवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय में गोष्ठी का आयोजन किया गया। नेत्र सर्जन डॉ. सुनील कुमार ने मरीजों को ग्लूकोमा के कारण, लक्षण व बचाव के प्रति जागरूक किया।
नेत्र सर्जन ने कहा कि ग्लूकोमा एक सामान्य बीमारी है। समय पर इलाज शुरू करने अथवा ऑपरेशन से यह पूरी तरह ठीक हो जाती है। इस बीमारी में आंखों के भीतर का प्रेशर बढ़ने लगता है, जिसके कारण अंदर की नसों में खून की सप्लाई बंद हो जाती है। ऐसा होने पर मरीज के आंख व सिर में दर्द, आंखों से पानी आना, कम दिखना व चश्मे का नंबर बार-बार बदला जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। ऐसा होने पर तुरंत मरीज को अस्पताल लाएं, इलाज होने पर पूरी तरह ठीक हो जाएगा।
कार्यक्रम समन्वयक आरके मिश्र ने बताया कि 18 मार्च तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात नेत्र परीक्षण अधिकारी मरीजों को ग्लूकोमा के प्रति जागरूक कर रहे हैं। बताया कि सभी अस्पतालों में ग्लूकोमा की जांच व उपचार पूरी तरह मुफ्त है। नेत्र परीक्षण अधिकारी जेपी आर्य समेत कई मरीज व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।