-बलरामपुर के गुरचिहवा उपकेंद्र पर महिलाओं को नसबंदी के प्रति जागरूकर करती स्वास्थ्य कर्मी।
बलरामपुर। जनसंख्या नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे परिवार नियोजन कार्यक्रम का असर जिले में दिखने लगा है। कार्यक्रम के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में महिलाओं की नसबंदी कराने के मामले में बलरामपुर जिला 103.65 प्रतिशत के साथ प्रदेश में अव्वल रहा है। प्राप्त लक्ष्य 1202 के सापेक्ष जिले में 1247 महिलाओं की मुफ्त नसबंदी की गई। गोंडा जिला 103.64 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेेश में दूसरे स्थान पर है।
तेजी से बढ़ रही जनसंख्या को नियंत्रित करने व मातृ एवं शिशु मृत्युदर पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य महकमा परिवार नियोजन कार्यक्रम चला रहा है। इसके तहत दंपति को बच्चों में अंतर रखने के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें नसबंदी कराने के लिए प्रेरित किया जाता है। अस्पतालों में शिविर लगाकर महिला व पुरुषों की मुफ्त नसबंदी कराई जाती है। विभाग नसबंदी कराने वाले लाभार्थी को प्रोत्साहन राशि भी देता है।
पिछले साल प्रदेश में महिला नसबंदी की अनुमानित वार्षिक उपलब्धि 81.23 प्रतिशत रही है। इसमें जहां 103.65 प्रतिशत नसबंदी के साथ बलरामपुर अव्वल रहा। वहीं, मात्र 32.36 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर मैनपुरी जिला प्रदेश में सबसे फिसड्डी साबित हुआ है।
प्रतिवर्ष लगते हैं 216 शिविर एसीएमओ व परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल डॉ. बीपी सिंह बताते हैं कि नसबंदी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाता है। महिलाओं की नसबंदी के लिए प्रत्येक ब्लॉक में प्रतिमाह दो-दो कैंप लगते हैं। इस हिसाब से जिले के सभी नौ ब्लॉकों में प्रतिवर्ष कुल 216 शिविर लगाए जाते हैं। आपात स्थित के लिए जिला महिला अस्पताल व संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन नसबंदी की जाती है।
चिकित्सक व कर्मियों के परिश्रम से मिला सम्मान
महिला नसबंदी के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेेश में पहले नंबर पर आना गर्व की बात है। इस उपलब्धि के लिए हमारे चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी व आशा बधाई के पात्र हैं। उन्हीं की मेहनत से जिले को यह उपलब्धि मिली है।
-डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ