बलरामपुर। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के हलौरा सहित दर्जनों गांवों में करीब 15 जुलाई से तेंदुए का खौफ बना हुआ था। तेंदुआ पकड़े जाने के बाद ग्रामीण बाेले तेंदुआ के डर में लोग जी रहे थे, अब जाकर राहत मिली।
हलौरा निवासी रफीक लाला ने बताया कि तेंदुआ बीते तीन माह से हलौरा, संग्रामपुर, गनेशपुर, दुर्गापुर, भोजपुर, लैबुडवा, पुरैना, पिपरी, पिपरा दुर्गानगर सहित दर्जनों गांव में रात के अंधेरे में घूमता दिखाई पड़ता था। मौका मिलते ही पालतू मवेशियों को घर के अंदर से उठा ले जाता था। हलौरा से अब तक तेंदुआ तीन माह में लगभग 20 बकरी, छुट्टा गाय व दर्जनों आवारा कुत्तों को अपना निवाला बना चुका है।
खेत व रास्ते पर दिखा था तेंदुआ
हलौरा निवासी अब्दुल अहद ने बताया कि रविवार को ही धान की खेत में घास काटने गया था, तभी अचानक तेंदुआ खेत की मेड़ पर बैठा दिखा था। यह देख वह भाग आए थे। सलमान ने बताया कि रविवार शाम अपने घर गांव आ रहा था, लैबुड़वा में समय माता मंदिर व सरयू नहर के मध्य मुख्य सड़क पर ही तेंदुआ अपने दो बच्चों के साथ बैठा दिखा।
बुलाए गए एसएसबी के जवान
तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना क्षेत्र में फैल गई, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों लोग तेंदुए को देखने के लिए उमड़ पड़े। लोगों को हटाने व तेंदुए को सुरक्षित रखने के लिए कोतवाली जरवा की पुलिस के साथ ही सशस्त्र सीमा बल के जवानों को बुलाया गया। इसके बाद तेंदुए को दूसरे पिंजरे में सुरक्षित शिफ्ट कर जनकपुर वन कार्यालय ले जाया गया।