फोटो-1-बलरामपुर के जिला संयुक्त अस्पताल में बंद पड़ी डिजिटल एक्स-रे मशीन।-संवाद
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बलरामपुर। जिला अस्पताल के संचालन से जुड़े जिम्मेदारों के लिए डीएम का निर्देश भी कोई मायने नहीं रखता है। इसके चलते ही बीते जनवरी माह से बंद पड़ी डिजिटल एक्सरे मशीन की जांच अभी तक शुरू नहीं हो पायी है। इतना ही नहीं इस मामले में कार्यदायी संस्था के खिलाफ 19 दिन बाद भी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की तरफ से अभी तक कोई भी प्राथमिकी पुलिस को नहीं दी गयी है।
बीती 27 अगस्त को तहसील दिवस में हिस्सा लेने उतरौला जा रहे जिलाधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार ने संयुक्त अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें एक्सरे कक्ष में लगी बड़ी डिजिटल एक्सरे मशीन डिब्बे में बंद मिली थी। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने चेतावनी के बाद भी एक्सरे मशीन को क्रियाशील न करने वाली कार्यदायी संस्था के खिलाफ तत्काल पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश सीएमएस को दिया था। 19 दिन बीत जाने के बाद भी सीएमएस द्वारा कार्यदायी संस्था के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई अभी तक नहीं की गयी है। इसका खामियाजा एक्सरे की जरूरी जांच न हो पाने के कारण मरीजों को उठानी पड़ रही है।
चिकित्सकों के अनुसार दिसंबर 2021 में एक्सरे कक्ष की दीवार में दरार पड़ने से मशीन एक तरफ झुक गई थी। इसके बाद से एक्सरे बंद हो गया। मशीन स्टॉल करने वाली कार्यदायी संस्था ने मशीन खोलने एवं दीवार सही होने पर उसे दोबारा लगाने के एवज में अस्पताल प्रशासन से करीब सात लाख रुपया की मांग की थी।
बीती 27 अगस्त को ही फाइल के साथ जिलाधिकारी से मिल कर उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया गया था। कार्यदायी संस्था को पत्र लिखने के साथ ही फोन पर भी वार्ता की गयी है। कंपनी के जिम्मेदारों ने जल्द ही अस्पताल आने की बात कही है।
डॉ. प्रवीण कुमार सीएमओ