बलरामपुर। परिषदीय स्कूलों में निपुण असेस्मेंट टेस्ट (नैट) बृहस्पतिवार को अव्यवस्थाओं के बीच हुई। नामांकन के सापेक्ष कम प्रश्न पत्र व ओएमआर शीट मिलने से परीक्षा कराने में शिक्षकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकतर विद्यालयों में बच्चे बैग व किताबों के साथ परीक्षा देते मिले। कुछ विद्यालयों में शिक्षक स्वयं ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नपत्र हल करते नजर आए।
वहीं टेस्ट के बाद सरल एप पर ओएमआर शीट स्कैन कर उसको अपलोड करने में शिक्षकों को घंटों जूझना पड़ा। इसके अलावा कई विद्यालयों में निगरानी के लिए लगाए गए पर्यवेक्षक पहुंचे ही नहीं।
जिले में 1164 प्राथमिक, 264 उच्च प्राथमिक व 387 कंपोजिट विद्यालयों में कुल दो लाख 84 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों का शैक्षिक मूल्यांकन करने के लिए दो पालियों में नैट हुई। सुबह 9.30 से साढ़े 11 बजे तक कक्षा एक से तीन और दोपहर साढ़े 12 से ढाई बजे तक कक्षा चार से आठवीं तक के बच्चों ने ओएमआर शीट पर परीक्षा दी। परीक्षा की अधूरी तैयारियां सुबह ही उजागर हो गईं, जब अधिकतर विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष ओएमआर शीट व प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे।
एक घंटे में तीन बच्चों की हुई परीक्षा
सुबह 10.25 बजे प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर विनोहनी में प्रधानाध्यापक रंजना सिंह एक सहायक के साथ बैैठी मिलीं। कक्ष एक से तीन में कुल 80 बच्चे नामांकित थे, लेकिन उस समय तक कक्षा तीन में सिर्फ दो बच्चों की ओएमआर शीट भरी गई थी। तीसरा बच्चा प्रश्न पत्र पढ़ रहा था। स्कूल में नामांकन के सापेक्ष कम पेपर व ओएमआर शीट मिला।
बोर्ड पर लिखती दिखीं मैडम
प्राथमिक विद्यालय कोयलरा में प्रधानाध्यापिका संध्या सिंह ब्लैक बोर्ड पर लिखती मिलीं। कक्षा एक व दो के बच्चों को एकसाथ बैठाया गया था। बोर्ड पर गणित जोड़ वाले प्रश्न के साथ उसका उत्तर भी लिखा था। कक्षा में बच्चे बैग के साथ बैठे दिखे। सुबह 10.45 बजे कंपोजिट विद्यालय शंकरपुर में शिक्षक रज्जनलाल बोर्ड पर छात्रा से प्रश्न हल करवाते मिले। यहां बच्चों को प्रश्नपत्र व ओएमआर शीट वितरित नहीं की गई थी।
एक बजे तक नहीं वितरित हुए प्रश्न पत्र
उच्च प्राथमिक विद्यालय धुसाह में दोपहर एक बजे तक कक्षा छह की परीक्षा शुरू नहीं हो पाई थी। एक बजे सहायक अध्यापक सोनम प्रश्नपत्र बांटती दिखीं। बच्चे क्लास में किताब व बैग के साथ बैठे थे। प्रधानाध्यापिका शबीहा बानो ने बताया कि बच्चे खाना खा रहे थे इसलिए देर हो गई। प्राथमिक विद्यालय धुसाह की प्रधानाध्यापिका प्रतिमा सिंह ने बताया कि नेट धीमे होने की वजह से ओएमआर शीट अपलोड नहीं हो पा रहा था। दोनों पालियों में नामित पर्यवेक्षक दीपक माला नहीं आईं थीं।
झुंड में बैठे दिखे बच्चे
प्राथमिक विद्यालय छितौनी में दोहपर 1.15 बजे प्रधानाध्यापिका अनीता यादव व दो अन्य शिक्षिकाएं एक साथ बरामदे में बैठीं मिलीं। सभी बच्चे बैग व किताबों के साथ एक कमरे में झुंड लगाए हुए थे। कैमरा देखकर शिक्षिकाएं बच्चों को बैठाने लगीं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि कुछ बच्चे परीक्षा दे चुके हैं, उनकी ओएमआर जमा करा ली गई है। कक्षा चार व पांच में नामांकित 36 के सापेक्ष मात्र 21 प्रश्न पत्र व ओएमआर शीट ही मिले थे।
गिनती में हुई गड़बड़ी
प्रश्नपत्र की पैकिंग के समय गणना में गड़बड़ी होने की वजह से कुछ स्कूलों में कम तो कुछ में अधिक प्रश्नपत्र व ओएमआर शीट पहुंच जाने से दिक्कत हुई है। स्कूलों में नामांकन के सापेक्ष 88 प्रतिशत बच्चों ने सकुशल परीक्षा दी है। कल्पना देवी, बीएसए बलरामपुर।