बलरामपुर। माफिया व पूर्व सांसद रिजवान जहीर के खिलाफ दर्ज मुकदमों की पैरवी के लिए अलग से सेल बनाया गया है। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम दर्ज मुकदमों की प्रतिदिन समीक्षा करेगी। बाद में एसपी को रिपोर्ट देगी। साथ ही गवाहों से संवाद स्थापित करने के साथ उन्हें समुचित सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक उपेंद्र अग्रवाल से मिले निर्देश के बाद नये सिरे से समीक्षा शुरू कर दी गई है। एसपी राजेश कुमार सक्सेना ने बताया कि पूर्व सांसद रिजवान जहीर के खिलाफ दर्ज मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। इनकी पैरवी के लिए अलग से विशेष सेल बनाया है। सेल के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वादी मुकदमा व गवाह से समन्वय रखें। न्यायालय पर निर्धारित तिथि में पुलिस सुरक्षा में उनकी गवाही कराएं।
मॉनीटरिंग सेल प्रभारी केके यादव ने बताया कि रिजवान जहीर के खिलाफ वर्तमान में छह मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। वर्तमान में पूर्व सांसद ललितपुर जेल में है। एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि रिजवान जहीर प्रदेश स्तरीय माफिया की सूची में है। उनके मामलों के साथ उनसे जुड़े अन्य के भी मामलों की पैरवी की जा रही है।
सीमावर्ती थानों के पुलिस कर्मियों की जांच शुरू
एसपी ने बताया कि नेपाल सीमा से सटे थानों के पुलिस कर्मियों की गोपनीय जांच कराई जा रही है। इसमें देखा जा रहा है कि कहीं वह तस्करी या अन्य किसी अपराध में तो संलिप्त नहीं हैं। इसे देखते हुए छह माह का कार्यकाल पूरा होते ही थाना प्रभारियों का कार्यक्षेत्र बदल दिया जा रहा है। गत वर्ष की अपेक्षा इस बार अपराध की कुछ घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। इसे देखते हुए नए सिरे से क्राइम कंट्रोल का प्लान तैयार करने की रणनीति बनाई गई है। एसपी ने बताया कि थाना स्तर को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। गांवों में ग्राम प्रहरियों की भूमिका बढ़ाई जाएगी।