बलरामपुर। एमपी/एमएलए कोर्ट ने जिले में 22 वर्ष पहले दर्ज मामले में सपा प्रवक्ता आईपी सिंह की जमानत याचिका दूसरे दिन शुक्रवार को भी खारिज कर दी। अर्जी खारिज होते ही आईपी सिंह को कोर्ट में बेहोश गए। आनन-फानन में इलाज के लिए जिला मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां अस्पताल में दिल की बीमारी का इलाज न होने पर डॉक्टर ने उन्हें हायर सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
वर्ष 2000 के पंचायत चुनाव में पूर्व सांसद स्व. सत्यदेव सिंह और पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू के बीच अध्यक्ष पद को लेकर विवाद हो गया था। वर्तमान सपा प्रदेश प्रवक्ता आईपी सिंह उस समय प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री थे। मतदान के दौरान आईपी सिंह भी पूर्व विधायक के परिजन के समर्थन में बलरामपुर आए थे। देहात कोतवाली क्षेत्र के बूथ कैप्चर करने में बवाल हो गया था। आईपी सिंह सहित सात के खिलाफ बलवा तथा बूथ कैप्चरिंग का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
कोर्ट ने कई बार जमानतीय वारंट जारी कर आईपी सिंह को हाजिर होने का निर्देश दिया। इस मामले में पांच अभियुक्तों ने न्यायालय से जमानत प्राप्त करके सत्र परीक्षण शुरू करा दिया। आईपी सिंह व एक अन्य के अनुपस्थित होने पर उनकी पत्रावली अलग कर दी गई। दोनों के विरूद्घ गैर जमानतीय वारंट व कुर्की का आदेश न्यायालय द्वारा दिया गया था। गुरुवार को आईपी सिंह बलरामपुर स्थित एमपी एमएलए कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए हाजिर हुए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी वर्षकार सिंह कलहंस ने जमानत का विरोध किया। कहा कि इन्होंने आज तक कोर्ट में हाजिर न होकर यह साबित कर दिया है कि जमानत मिलने के बाद भी वह कोर्ट के आदेश का सम्मान नहीं करेंगे। न्यायाधीश अभिनितम उपाध्याय ने अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया।
शुक्रवार को दोबारा पेशी के दौरान जिला जेल से कोर्ट लाया गया। आईपी सिंह के अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में पेश किया। सरकारी वकील ने फिर तर्क देते हुए उन्हें जमानत न देने की पैरवी की। न्यायाधीश ने शुक्रवार को भी उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। सरकारी वकील ने बताया कि इसी बीच आईपी सिंह कोर्ट में ही बेहोश होकर गिर गए। पुलिस अभिरक्षा के बीच उन्हें जिला मेमोरियल पुरुष अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में गैसड़ी सपा विधायक डॉ. एसपी यादव, पूर्व विधायक राम सागर अकेला तथा सपा नेता इकबाल जावेद फ्लावर के साथ पहुंच गए। इन लोगों ने इमरजेंसी वार्ड में आईपी सिंह को दिल का दौरा पड़ने की बात बताई।
अस्पताल सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अस्पताल में न तो कोई दिल का डॉक्टर है और न ही दिल के इलाज की कोई व्यवस्था। समर्थकों के अनुरोध पर आईपी सिंह को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। सूत्रों की माने तो आईपी सिंह को पुलिस अभिरक्षा के बीच केजीएमयू लखनऊ स्थित लॉरी कार्डियालॉजी ले जाया गया है।