बलरामपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से एमपीपी इंटर काॅलेज में शुरू हो रहा है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की विभिन्न विषयों की 2,47,888 उत्तर पुस्तिकाएं पहुंच गई हैं। पहले दिन प्रधान परीक्षकों को प्रशिक्षण देकर नमूने के तौर पर 20-20 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया जाएगा। अगले दिन से उत्तर पुस्तिकाएं जांचने का काम शुरू होगा।मूल्यांकन केंद्र के उपनियंत्रक/प्रधानाचार्य राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में एक मात्र संकलन केंद्र एमपीपी इंटर काॅलेज में यूपी बोर्ड परीक्षा 2023 के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की 2,47,888 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग कोठार तैयार किए गए हैं।
यूपी बोर्ड प्रयागराज की ओर से हाईस्कूल के विभिन्न विषयों की 1,65,126 व इंटरमीडिएट के विभिन्न विषयों की 82,762 उत्तर पुस्तिकाएं भेजी गई हैं। मूल्यांकन केंद्र पर पहले दिन प्रधान परीक्षकों को प्रशिक्षण देकर नमूने के तौर पर 20-20 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया जाएगा। दूसरे दिन से परीक्षकों को कापियों के मूल्यांकन में लगाया जाएगा। कापियों की जांच सीसीटीवी की निगरानी में होगी।
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97 डीएचई की निगरानी में होगा मूल्यांकन
यूपी बोर्ड परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की निगरानी के लिए हाईस्कूल में 61 उप प्रधान परीक्षक(डीएचई ) बनाए गए हैं। इनकी निगरानी में 576 परीक्षक मूल्यांकन करेंगे। इसी तरह इंटरमीडिएट के लिए 36 उप प्रधान परीक्षक(डीएचई ) बनाए गए हैं, जिनकी निगरानी में 282 परीक्षक कापियों का मूल्यांकन करेंगे।
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कल होगा प्रशिक्षण
डीआइओएस गोविंद राम ने बताया कि मूल्यांकन में लगाए गए उप प्रधान परीक्षक व परीक्षकों का प्रशिक्षण 18 मार्च को एमपीपी इंटर काॅलेज सभागार में होगा। हाईस्कूल व इंटर उप प्रधान परीक्षक का प्रशिक्षण 10 से 11 बजे तक दिया जाएगा। हाईस्कूल के परीक्षकों को 11 से 12 बजे तक तथा इंटरमीडिएट के परीक्षकों को मध्याह्न 12 से दोपहर 1 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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पारिश्रमिक पर उठे सवाल
यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन पर दिए जाने वाले पारिश्रमिक पर सवाल उठाने लगे हैं। सुबह दस से शाम पांच बजे तक मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों को जलपान के एवज में बीस रुपये प्रतिदिन ही मिलेंगे। जबकि सीबीएसई बोर्ड इसी मद में परीक्षकों को 75 रुपये दे रहा है। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए प्रति कॉपी 11 व इंटर के लिए 13 रुपये तय किए हैं। जबकि सीबीएसई बोर्ड इसके लिए 25 रुपये दे रहा है। वाहन व्यय के लिए यूपी बोर्ड 27 व सीबीएसई बोर्ड 250 रुपये दे रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद शुक्ला का कहना है कि सरकार को कम से कम सीबीएसई बोर्ड के बराबर पारिश्रमिक व अन्य खर्चों की धनराशि देनी चाहिए। जिला मंत्री अशोक कुमार पांडेय का कहना है कि सरकार को परीक्षकों का पारिश्रमिक व अन्य खर्च की धनराशि बढ़ानी चाहिए। कहा, तदर्थ शिक्षकों को जुलाई से ही वेतन नहीं दिया गया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है।