बलरामपुर के गौरा चौराहा क्षेत्र में मृतक कुसमा के घर पसरा सन्नाटा।
गौरा चौराहा (बलरामपुर)। गौरा चौराहा के यादव मेडिकल हॉल व सर्जिकल्स में ऑपरेशन के बाद बृहस्पतिवार को हुई जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। यहां पर गर्भवती का ऑपरेशन आयुष चिकित्सक द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। अब स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयुष चिकित्सक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि यादव ऑपरेशन किए जाने और जच्चा-बच्चा की मौत के मामले की जांच के लिए एसीएमओ डॉ. एसके श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम ने जांच के आधार पर यादव मेडिकल हॉल व सर्जिकल्स के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए गौरा थाने में तहरीर दी थी। टीम ने दूसरे दिन भी प्रकरण की जांच की।
एसीएमओ डॉ. एसके श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद पता चला कि चौखड़ा ग्राम निवासी मनोज यादव की पत्नी (गर्भवती) कुसुमा का ऑपरेशन आयुष चिकित्सक डॉ. केएन पांडेय द्वारा किया गया था। ऑपरेशन के पहले गर्भवती के खून की जांच में हीमोग्लोबिन कम बताया गया था। बिना वैध डिग्री के ऑपरेशन करना अपराध की श्रेणी में आता है। अब आयुष चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
घर पर पसरा सन्नाटा
कुसुम की मौत के बाद शुक्रवार को दूसरे दिन उनके घर पर सन्नाटा पसरा रहा। पति मनोज का कहना था कि यह सब कैसे हो गया, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। कहा कि बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे ऑपरेशन हुआ था, कुछ देर बाद दिक्कत होने लगी। जिससे कुसुमा को अन्य के साथ एंबुलेंस से लेकर नंदनगर पीएचसी लेकर गए। सुविधा न होने पर वहां से महिला अस्पताल लेकर गए। लेकिन वहां किसी डॉक्टर ने हाथ नहीं लगाया। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है।