बलरामपुर। भ्रष्टाचार में लिप्त एपीओ मनरेगा के खिलाफ जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने कड़ी कार्रवाई की है। त्रिस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद डीएम ने अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ मनरेगा) अमित कुमार शर्मा को बर्खास्त कर उनकी सेवा समाप्त करने की सख्त कार्रवाई की।
विकासखंड पचपेड़वा में वर्ष 2018 में तत्कालीन एपीओ मनरेगा अमित कुमार शर्मा को वित्तीय अनियमितता और लापरवाही के आरोप में सेवा से पृथक कर दिया गया था। तत्कालीन मंडलायुक्त के आदेश पर एपीओ को शर्तों के अधीन पुनः सेवा में रख लिया गया। सेवा में आते ही फिर से एपीओ द्वारा वित्तीय अनियमितता शुरू कर दी गई। इसके तहत मुख्यालय से बजट मंगवाकर रोजगार सेवकों को मानदेय का अधिक भुगतान कर दिया गया। इस प्रकरण में एपीओ के खिलाफ जून 2020 में एफआईआर दर्ज कराते हुए एक बार फिर सेवा से पृथक कर दिया गया।
सेवा से हटाए जाने के बाद बर्खास्त एपीओ ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दिया। इस बीच जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित त्रिस्तरीय जांच समिति द्वारा एपीओ के वर्ष 2018 से लेकर अब तक के कार्यों की जांच कराई गई। इसमें एपीओ पर लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से एपीओ के बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।