चार एंबुलेंस संचालित, 1009 पशुओं को हो चुका इलाज
राकेश कश्यप
बलरामपुर। बीमार पशुओं का इलाज करने के लिए जिले में संचालित एंबुलेंस सेवा पशुपालकों के लिए मददगार साबित हो रही है। टोल फ्री नंबर डायल करने के बाद कुछ मिनट में ही एंबुलेंस पशुपालकों के घर पहुंच जाती है और घर पर ही पशु का इलाज हो जाता है। जिले में पशुओं के इलाज के लिए चार एंबुलेंस संचालित है। अप्रैल से अब तक 1009 पशुओं का इलाज एंबुलेंस में तैनात चिकित्सकों द्वारा किया जा चुका है।
घर बैठे पशुओं का इलाज करने के लिए अप्रैल माह में शासन द्वारा मोबाइल वेटेनरी यूनिट (एंबुलेंस) सेवा की शुरूआत की गई थी। इसके तहत जिले में चार एंबुलेंस मिले थे। एंबुलेंस बुलाने के लिए विभाग द्वारा 1962 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। टोल फ्री नंबर पर कॉल करके पशुपालक घर बैठे ही पशुओं का इलाज करा सकते हैं। जिले में एंबुलेंस सेवा संचालित होने से पशुपालकों को पशुओं का इलाज कराने में काफी सहूलियत मिल रही है। एक फोन करने पर ही पशुओं का इलाज घर बैठे हो रहा है। चारों विधानसभा क्षेत्र में एक-एक एंबुलेंस संचालित हैं। प्रत्येक एंबुलेंस में एक चिकित्सक व एक सहायक कर्मचारी की तैनाती के साथ ही पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहती हैं। एक एंबुलेंस से प्रतिदिन चार-पांच पशुओं का इलाज किया जा रहा है। अब तक 1009 पशुओं का इलाज किया गया है।
तीन किलोमीटर परिधि के बाहर मिलती है एंबुलेंस सेवा
पशुओं के इलाज के लिए जिले में 18 राजकीय पशु चिकित्सालय संचालित हैं। इन चिकित्सालयों से तीन किलोमीटर परिधि के बाहर ही पशुपालकों को एंबलेंस की सेवा दी जाती है। तीन किलोमीटर परिधि के अंदर बीमार पशुओं का इलाज कराने के लिए पशुपालकों को पशु चिकित्सालय जाना पड़ेगा।
1962 टोल फ्री नंबर पर करें काल
आकस्मिक पशु चिकित्सा सेवा के लिए एंबुलेंस आरक्षित किया गया है। एंबुलेंस से गोआश्रय स्थल व ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं का इलाज किया जाता है। पशु की हालत गंभीर होने पर पशुपालक 1962 टोल फ्री नंबर पर काल करके एंबुलेंस को बुला सकते हैं।
डॉ. समदर्शी सरोज, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी