बलरामपुर। यूपी आरटीई पोर्टल पर 406 मान्यता प्राप्त स्कूलों का नाम न होने की अमर उजाला में प्रकाशित खबर का बेसिक शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। अब मान्यता प्राप्त स्कूलों का पंजीकरण आरटीई पोर्टल पर कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए यू डायस से मिलान किया जाएगा।
अमर उजाला के 18 मई के संस्करण में मान्यता 665 स्कूलों की, गरीबों के लिए सिर्फ 259 शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था। इसमें शिक्षा का अधिकार अधिनियम की व्यवस्था पर सवाल उठाया गया था। अधिनियम के तहत गरीब बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाता है। इससे बचने के लिए मान्यता प्राप्त स्कूल यूपी आरटीई पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करते हैं। जब अभिभावक आवेदन करने के लिए ऑनलाइन स्कूलों का नाम खोजते हैं तो स्कूल ही नहीं नजर आते।
खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे निगरानी
बीएसए कल्पना देवी का कहना है कि पोर्टल अभी बंद है। जैसे ही अनलाॅक होता है अभियान चलाकर यू डायस पर पंजीकृत हरएक मान्यता प्राप्त स्कूल को यूपी आरटीई पोर्टल पर पंजीकृत कराया जाएगा। बच्चों के हितों के साथ कोई भी अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसकी निगरानी के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम को लगाया गया है।
संकुल प्रभारियों के साथ होगी बैठक
जिले के विभिन्न शिक्षा क्षेत्रों में कार्यरत संकुल प्रभारियों के त्यागपत्र देने की घटना का संज्ञान लेते हुए बीएसए ने अब बैठक कर समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया है। निपुण भारत के तहत स्कूलों को निपुण बनाया जाना है। ऐसे में संकुल प्रभारी की जिम्मेदारी होने के कारण शिक्षक अपने स्कूल पर ध्यान ही नहीं दे पाते हैं। इसे देखते हुए अब तक कई ब्लॉकों के संकुल प्रभारी पद छोड़ चुके हैं। बीएसए ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। सभी को बैठाकर बात की जाएगी। समस्या का समाधान कराया जाएगा।