बलरामपुर। इन्फ्लूएंजा संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य महकमे ने सतर्कता बढ़ा दी है। अस्पतालों में इसके लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट रहने को कहा गया है। सर्दी-जुकाम व बुखार से पीड़ित 500 से अधिक मरीज सोमवार को अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने लक्षण के आधार पर इनका इलाज किया।
जिला मेमोरियल चिकित्सालय में सोमवार को मरीजों की भरमार रही। पर्चा काउंटर, ओपीडी, इंजेक्शन रूम व लैब में मरीज जूझते दिखे। इस दिन अस्पताल में 500 से अधिक की ओपीडी हुई, जिसमें 250 से अधिक मरीज खांसी, बुखार व सांस की बीमारी से पीड़ित थे। खलवा मोहल्ला निवासिनी सरोज रानी ने बताया कि चार दिन से बुखार, उल्टी व खांसी आ रही है। दवा लेने के लिए एक घंटे से लाइन में खड़ी हैं। शिवपुरा से आए रामशंकर ने बताया कि सांस लेने में तकलीफ है, खांसी, सिर दर्द व उल्टी आ रही है। उसी का इलाज कराने आए हैं।
बचाव को मास्क लगाने की सलाह
मेमोरियल अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अजय कुमार पांडेय बताते हैं कि बदलते मौसम में इन्फ्लूएंजा संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसमें मरीज को मुख्य रूप से खांसी, बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, मचली व बदन दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं। यह बीमारी मरीज के खांसने, छींकने से फैलती है। बचने के लिए मास्क का उपयोग सबसे प्रभावी उपाय है।
जिला स्तर पर 10 व सीएचसी में चार बेड आरक्षित
सुबह-शाम ठंड व दिन में गर्मी अधिक होने के कारण इन्फ्लूएंजा का वायरस तेजी से फैलता है। इससे निपटने के लिए जिला अस्पताल में 10 व सीएचसी में चार बेड का विशेष वार्ड आरक्षित कर दिया गया है। इस बीमारी से बचने के लिए लोग ठंडी चीजों के उपयोग से बचें, गुनगुने पानी का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों को लक्षण वाले मरीजों का फीडबैक लेने को कहा गया है।
-डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ