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ट्रेन से कूदे बेटे को बचाने में शिक्षक की मौत

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फोटो-8-शहाबुद्दीन-फाइल फोटो - फोटो : BALRAMPUR
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तुलसीपुर/पचपेड़वा (बलरामपुर)। लखनऊ से इंटरसिटी ट्रेन से घर लौट रहे पिता की ट्रेन से अचानक कूदे बेटे को बचाने के चक्कर में मौत हो गई। बेटे के चलती ट्रेन से कूदते ही पीछे उसके पिता भी कूद गए थे। पत्थरों से सिर टकराने से उनकी मौत हो गई। जबकि बेटा अभी तक लापता है। पुलिस व परिजन उसकी तलाश कर रहे हैं।
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पचपेड़वा थाना क्षेत्र के ग्राम मल्दा स्थित मदरसे में सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ निवासी शहाबुद्दीन अंसारी शिक्षक थे। शहाबुद्दीन के तीन बेटे व तीन बेटियाें में सबसे छोटे वकारुद्दीन (20) का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। बीते दिनों शहाबुद्दीन बेटे को लेकर इलाज व दुआ कराने गंज मुरादाबाद गए थे। शनिवार रात वह बेटे संग लखनऊ से गोरखपुर जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन द्वारा शोहरतगढ़ जा रहे थे। रात करीब नौ बजे लक्ष्मनपुर व तुलसीपुर स्टेशन के बीच कॉशन पर धीमी हुई ट्रेन से वकारुद्दीन अचानक नीचे कूद पड़ा। बेटे को ट्रेन से कूदते देखकर बदहवास शहाबुद्दीन ने भी उसे बचाने के चक्कर में ट्रेन से छलांग लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन से कूदने पर सिर पत्थरों से टकराने से शहाबुद्दीन की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बेटा ट्रेन से कूदने के बाद अंधेरे में लापता हो गया। मामले की सूचना पाकर तुलसीपुर थाने के देवीपाटन चौकी प्रभारी अनिल कुमार दीक्षित मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतक की जेब से मिले कागजात के आधार पर शिनाख्त करके शहाबुद्दीन का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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घटनास्थल पर एक मोबाइल फोन और वकारुद्दीन का एक जूता भी मिला है। मामले की सूचना परिजनों को दी गई है। ट्रेन से कूदे वकारुद्दीन का अभी कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस व परिजन उसकी तलाश में जुटे हैं। शहाबुद्दीन की मौत व वकारुद्दीन के लापता होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। (संवाद)
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