बलरामपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर) के धरना-प्रदर्शन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों से चार बार वार्ता विफल होने के बाद सीएमओ ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सीएचओ की नियमित उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश सभी सीएचसी अधीक्षकों को दिया है। जिससे अनुपस्थित चल रहे इन कर्मचारियों का संबंधित दिवस का मानदेय काटा जा सके। वहीं, हड़ताल कर धरने पर बैठे सीएचओ बिना लिखित आश्वासन के काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।
प्रतिमाह मिलने वाले प्रोग्राम बेस्ड इन्सेंटिव (पीबीआई) के भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर सीएचओ नौ दिन से हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को भी सीएचओ अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। संगठन की प्रदेश महिला उपाध्यक्ष स्मृति ने अधिकारियों के बुलावे पर सीएमओ से बातचीत की, मगर बात नहीं बनी। स्मृति ने बताया कि अप्रैल से जुलाई तक का पीबीआई बकाया है। अधिकारी बिना लिखित आश्वासन के ही दबाव बनाकर धरना समाप्त कराना चाहते हैं। धरने में प्रियंका यादव, आरती गौतम, रुचि, हरीश तिवारी, रवि, हिना समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि मार्च तक भुगतान हो चुका है, शेष भुगतान पोर्टल न चलने के कारण लंबित है। प्रदर्शनकारियों से चार बार वार्ता की गई, लेकिन वह नहीं माने। अब ब्लॉक स्तर पर सभी सीएचओ की नियमित उपस्थिति दर्ज की जा रही है। अनुपस्थित सीएचओ को संबंधित दिवस का मानदेय नहीं मिलेगा।