बलरामपुर। मनरेगा में कार्य करने के बावजूद श्रमिकों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। त्योहारी सीजन में भी बजट न मिल पाने से बीते दो माह से 793 पंचायतों के 95 हजार मनरेगा श्रमिक अपनी बकाया मजदूरी के इंतजार में मुख्यालय के चक्कर काटने की परेशानी उठा रहे हैं। बजट न मिल पाने से श्रमिकों की मजदूरी के करीब 1.33 करोड़ रुपये का भुगतान अटका है।
मनरेगा के तहत गांवों में ही रोजगार देने के लिए जॉब कार्डधारी श्रमिकों को विकास से जुड़े कार्यों में मजदूरी देना सुनिश्चित किया जाता है। बीते ढाई माह से मनरेगा कार्य से जुड़े श्रमिकाें को मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। जरवा क्षेत्र के श्रमिक राम मिलन ने बताया कि बकाया मजदूरी पाने के लिए कई बार प्रधान व सचिव से गुहार लगाई जा चुकी है। श्रमिक नेता दिलीप शुक्ल ने बताया कि मजदूरी का भुगतान अटकने से श्रमिकों की दीपावली फीकी ही रहेगी।
उपायुक्त मनरेगा सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि मनरेगा श्रमिकों के श्रमांश का भुगतान अवशेष है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। बजट आवंटित होने पर श्रमिकों को भुगतान हो जाएगा।