बलरामपुर। आकांक्षी जनपद की तर्ज पर अब जिले में आकांक्षी गांवों का चयन किया जाएगा। मूलभूत सुविधाओं से वंचित व विकास की दौड़ में पिछड़े इन चयनित गांवों में विकास का आधारभूत ढांचा विकसित होगा। जिले में चयनित ऐसे 45 आकांक्षी गांवों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी योजनाओं से संतृप्त कर नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। योजना में प्रत्येक ब्लॉक से न्यूनतम पांच-पांच गांवों को चयनित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन व विकास विभाग ने कार्य योजना तैयार की है।
नीति आयोग की तरफ से वर्ष 2018 में आकांक्षी जनपद कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी। नीति आयोग ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन कौशल विकास व आधारभूत संरचना आदि क्षेत्रों में विकास की दौड़ में पिछड़े जिलों को आंकाक्षी जिले की श्रेणी में रखा था। नीति आयोग के आकांक्षी जनपद की सूची में बलरामपुर जिला भी शामिल है। अब आकांक्षी जनपद की तर्ज पर जिला प्रशासन की तरफ से आकांक्षी गांवों का चयन होगा। मूलभूत सुविधाओं से वंचित गांवों को इस श्रेणी में रखा जाएगा। ताकि वहां नागरिक सुविधाओं का विस्तार करते हुए उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त कर विकसित गांव की श्रेणी लाया जा सके।
इस योजना के लिए जिले के नौ ब्लॉकों में 45 गांवों का चयन होगा। इसके तहत बलरामपुर, हरैया सतघरवा , तुलसीपुर, पचपेड़वा, गैसड़ी, उतरौला, श्रीदत्तगंज, गैड़ासबुजुर्ग व रेहरा बाजार ब्लॉक में मूलभूत सुविधाओं से वंचित पांच-पांच गांवों शामिल होंगे। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी के दिशा निर्देशन में एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है।
मुख्य विकास अधिकारी संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि चिन्हित गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि व जल संसाधन व अन्य क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को विकसित किया जाएगा। इन गांवों को सरकार के स्तर पर संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त कर विकसित गांव की श्रेणी में लाया जाएगा।