बलरामपुर। अभिभावकों के खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) की धनराशि न पहुंच पाने का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। स्कूल ड्रेस का स्वेटर न खरीद पाने के कारण बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 40 हजार बच्चों को ठंड में ठिठुरते हुए बिना स्वेटर के स्कूल आना पड़ रहा है।
जिले के 1165 प्राथमिक विद्यालय, 263 उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा 386 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में 2.46 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें से 2.06 लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में तो शासन स्तर से दी जाने वाली स्कूल यूनिफॉम व स्वेटर की धनराशि पहुंच गई है। लेकिन करीब 40 हजार छात्र-छात्राओं को डीबीटी की धनराशि न मिल पाने के कारण परेशानी उठाना पड़ रही है। ऐसे में ठंड बढ़ने के बावजूद उन्हें पढ़ने के लिए बिना स्वेटर के ही स्कूल आना पड़ रहा है।
विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि कई अभिभावकों के बैंक खातों का आधार कार्ड से लिंकअप न हो पाने व बड़ी संख्या में बच्चों का आधार कार्ड न बन पाने के कारण अनुदान राशि को खाते में ट्रांसफर करने में परेशानी आ रही है। ऐसे में कहीं विभागीय लापरवाही तो कहीं अभिभावकों की उदासीनता बच्चों को ठंड में बिना स्वेटर के स्कूल जाने के लिए विवश कर रही है।
बीएसए कल्पना देवी ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 90 प्रतिशत छात्रों के खाते में डीबीटी के माध्यम से ड्रेस परिधान व स्वेटर खरीदने की धनराशि भेजी जा चुकी है। पैसा पाने से वंचित बच्चों के आधार बनवाने के साथ ही उनके अभिभावकों के बैंक खाते को भी आधार से लिंकअप कराया जा रहा है। जल्द ही अभिभावकों के खाते में ड्रेस की राशि पहुंच जाएगी।