बलरामपुर। बाढ़ ने लोगों के साथ-साथ सरकार को भी चपत लगाई है। जिला मुख्यालय के कृषि बीज भंडार के गोदाम में रखे 305 क्विंटल मसूर, सरसों, मटर व तोरिया के बीज भीगकर बर्बाद हो गए हैं। इसी के बगल में ब्लॉक सभागार में रखा पोषाहार का 300 क्विंटल गेहूं भी भीगकर खराब हो गया। बाढ़ कम होने के बाद अधिकारी व कर्मचारी डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं।
कृषि बीज गोदाम के प्रभारी नीरज राना ने बताया कि बीते दिनों आई भीषण बाढ़ से गोदाम में रखे 160 क्विंटल मसूर के बीज, 100 क्विंटल सरसों के बीज, 30 क्विंटल मटर के बीज तथा 15 क्विंटल तोरिया के बीज भीगकर बर्बाद हो गए हैं। यही नहीं बाढ़ के चलते गोदाम की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। गोदाम में नीचे से बाढ़ का पानी भर गया और ऊपर से बारिश का पानी टपक रहा था। बीज बचाने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन करीब 305 क्विंटल बीज खराब हो गए।
इसी तरह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सदर ब्लॉक समन्वयक विवेक पांडेय ने बताया कि ब्लॉक के स्वर्ण जयंती सभागार में बिजलीपुर स्थित पोषाहार इकाई के लिए 600 बोरियों में करीब 300 क्विंटल गेहूं रखा था। बाढ़ में सारा गेहूं भीगकर खराब हो गया। इसी कार्यालय में रखे दो कंप्यूटर, दो प्रिंटर, इन्वर्टर तथा तमाम अभिलेख भी पानी में भीगकर खराब हो गए हैं।
बीते दिनों आई बाढ़ के चलते सदर ब्लॉक तथा विकास भवन के कमरों में पानी भर गया था। पानी भरने के चलते कई विभागों के तमाम अभिलेख पानी में भीग गए। शनिवार को संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी बचे हुए अभिलेखों को सुरक्षित करने तथा खराब हो चुके अभिलेखों को निस्तारित करने में जुटे रहे।