बलरामपुर। कोराना संक्रमितों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। कोरोना संक्रमितों को अलग भर्ती कर इलाज करने के लिए छह करोड़ नौ लाख 19 हजार रुपये की लागत से 24 अस्पतालों में विशेष कोरोना वार्ड बनाए जाने की तैयारी है। विशेष वार्ड बनने पर पुन: कोरोना संक्रमण जैसे हालात उत्पन्न होने पर मरीजों को आसपास के ही अस्पताल में भर्ती कर उनकी जान बचाई जा सकेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की इस पहल के तहत जिला अस्पतालों में 20, ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 10 व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में छह बेड का अलग वार्ड बनाया जाएगा।
कोरोना संक्रमित मरीज को अलग वार्ड में भर्ती करना पड़ता है, लेकिन बीते दिनों इस महामारी के दौरान जिला अस्पतालों को छोड़कर कहीं भी अलग वार्ड की व्यवस्था नहीं थी। जिससे समय पर इलाज न मिलने से कई कोविड मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
एनएचएम के तहत जिला मेमोरियल अस्पताल व संयुक्त जिला चिकित्सालय में (प्रत्येक में 94.46 लाख रुपये की लागत से) 20-20 बेड का वार्ड बनना है। इसी तरह जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर (प्रत्येक 32.27 लाख रुपये) दस-दस व 13 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (प्रत्येक पर 9.68 लाख रुपये) पर छह-छह बेड का कोरोना वार्ड बनेगा। सभी जगह एक ड्यूटी रूम व शौचालय का निर्माण भी होगा।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में कोरोना वार्ड का निर्माण शुरू हो गया है। जबकि अन्य अस्पतालों में जमीन चिह्नित कर ली गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
अवर अभियंता आरएस मौर्य ने बताया कि कोरोना वार्ड के निर्माण की जिम्मेदारी शासन ने उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ (यूपीआरएनएसएस) को दी है। कार्यदायी संस्था को पहली किस्त के रूप में 50 प्रतिशत बजट मिल गया है।