ललिया (बलरामपुर)। तराई क्षेत्र के पांच पहाड़ी नालों में आई उफान के चलते करीब 20 गांव पानी से घिर गए हैं। तीन रास्तों पर तेज बहाव के कारण आवागमन ठप हो गया है। तेज बहाव के कारण क्षेत्र की कई सड़कें कटकर बह गई है। एसडीएम ने हलका लेखपाल को मौके पर भेजा है। प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए है।
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के चलते हेंगहा, जमधरा, धोबिनिया, गौरिया व कचनी पहाड़ी नाले में उफान आ गया है। पहाड़ी नालों में आई उफान के चलते निचले स्थानों पर पानी भर गया है। ललिया-हरिहरगंज बरदौलिया मार्ग पर स्थित लौकाहवा डिप पर तीन फिट पानी बहने लगा है। इसी तरह अटल चौराहा मार्ग व मथुरा कोड़री मार्ग पर स्थित बनकसिया गांव के पास सड़क पर पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया है। शिवपुरा बाजार से लालपुर चौराहा मार्ग पर झागीडीह, राजपुर, सिटकिहवा मोड़ पर कमदी गांव के पास सड़क पर दो फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के कारण जगह-जगह सड़कें कट गई हैं। कुछ स्थानों पर लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। क्षेत्र के सोनबरसी, कमदी, सुगानगर लहेरी, मदारगढ़, भुसैलिया, भौरही, पिटठा, लखनीपुर, भुसैलिया, लौकाहवा, नारायनपुर, प्रतापपुर, बुड़ंतपुर, परसाहवा, बनघुसरी व इटैहिया गांव बाढ़ के पानी से घिरे गए हैं। एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर ने बताया कि हलका लेखपाल को बाढ़ प्रभावित गांवों में भेजा गया है।
जलभराव के कारण कई स्कूल बंद
पहाड़ी नाले में आई उफान के कारण कई रास्तों पर पानी भर जाने से शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंच सके। रामदास त्रिपाठी इंटर कॉलेज चौधरीडीह में जलभराव के कारण बंद रहा। लौकहवा डिप, अटल चौराहा तथा मथुरा कोड़री मार्ग पर बनकसिया गांव के पास सड़क पर पानी बहने के कारण कई शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंच सके। शिक्षकों के न पहुंचने के कारण विद्यालय बंद रहे। पेहर के कंपोजिट विद्यालय परिसर में जलभराव के बीच होकर बच्चे स्कूल पहुंचे।
घट रहा राप्त नदी का जलस्तर
बृहस्पतिवार सुबह से ही राप्ती नदी का जल स्तर घटने लगा है। शाम सात बजे नदी चेतावनी बिंदु से 32 सेंटीमीटर ऊपर तक आ गई है। नदी चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर से 32 सेमी ऊपर 103.940 मीटर पर बह रही है। नदी का जलस्तर घटने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।