बलरामपुर। नहरों की सुरक्षा के लिए दो करोड़ की परियोजना स्वीकृत हुई है। इससे नहरों के बीच में बने जर्जर व बदहाल पुलों की मरम्मत कर उनका कायाकल्प होगा। साथ ही नहर पटरियों को भी सुरक्षित बनाने के साथ नहर के संचालन को भी सुलभ बनाया जाएगा। इसका सीधा फायदा किसानों को खेती के साथ ही आवागमन की बेहतर सुविधा के बतौर मिलेगा। प्रस्तावित कार्ययोजना में नहरों पर 20 जर्जर हो चुके पुलों को चिह्नित किया गया है।
सरयू नहर परियोजना की सबसे बड़ी नहर बलरामपुर से बस्ती शाखा की है। यह नहर दो जिलों के किसानों को फायदा दे रही है, वहीं बलरामपुर के डेढ़ सौ गांवों से होकर गुजरती है। नहर जिन गावों से निकलती है उनके दोनों तरफ के लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए 20 पुलों का निर्माण पूर्व में हुआ था। पुलों के नीचे दरार पड़ने और प्लास्टर छूटने से जर्जर हो चुके इन पुलों को अब मरम्मत की दरकार है। शासन स्तर से बजट राशि की स्वीकृति मिलने के बाद सिंचाई विभाग ने प्रस्तावित कार्यों को अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलों की मरम्मत हो जाने से ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली परेशानी दूर हो सकेगी। वहीं नहरों में पानी का बेहतर संचालन होने से खेती किसानी में भी मदद मिलेगी।
सरयू नहर खंड- प्रथम के अधिशाषी अभियंता राजकुमार वरन ने बताया कि नहर पर बने पुलों के मरम्मत का कार्य किया जाना है। इसके लिए निविदा आदि की प्रक्रिया शुरू पूरी की जा रही है। जल्द ही निर्माण के कार्य शुरू हो जाएंगे। कुछ कार्य तीन माह में और कुछ कार्य छह माह में पूरे होंगे।