बलरामपुर। बच्चे व गर्भवतियों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए चलाए जा रहे नियमित टीकाकरण अभियान के बाद भी लापरवाही कम नहीं हो रही है। अप्रैल में 1914 बच्चे व गर्भवती टीकाकरण से छूट गए हैं। संबंधित अधीक्षक से जवाब तलब करते हुए छूट लोगों को टीका लगवाने की तैयारी शुरू कर दी है।
गर्भवती व शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो, काली खांसी, खसरा, डेंगू व टिटनेस सहित कई जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण अभियान चलाया जाता है। एएनएम प्रत्येक बुधवार व शनिवार को गांव में सत्र लगाकर दोनों का टीकाकरण करतीं हैं। इसके अलावा महिला अस्पताल में प्रतिदिन व अभियान में सीएचसी-पीएचसी पर भी मुफ्त टीकाकरण होता है। जच्चा-बच्चा का शत-प्रतिशत टीकाकरण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाता है। इसके बावजूद अप्रैल महीने में 1914 जच्चा-बच्चा टीकाकरण से वंचित रह गए।
4300 का हुआ टीकाकरण
गत वर्ष अप्रैल में जिले में कुल 6214 जच्चा-बच्चा का टीकाकरण हुआ था। गैड़ास बुजुर्ग में 432 व गैसड़ी में 905 सत्र हुआ था। इस वर्ष अप्रैल में जिले का टीकाकरण 1914 घटकर 4300 पहुंच गया। घटे हुई आरआई में 308 के साथ गैसड़ी व 276 जच्चा-बच्चा को टीका लगाकर गैड़ास बुजुर्ग जिले में सबसे फिसड्डी ब्लॉक रहे। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने दोनों अधीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
छूटे लोगों का होगा टीकाकरण
अप्रैल में टीकाकरण से वंचित रह गए बच्चों व गर्भवतियों की पहचान के लिए आशा से सर्वे कराया जा रहा है। छूटे हुए जच्चा-बच्चा को चिन्हित कर उनका संपूर्ण टीकाकरण कराया जाएगा।
- डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ