बलरामपुर। फसल अवशेष (पराली) प्रबंधन के सुरक्षित निस्तारण के प्रचार-प्रसार के बाद भी खेतों में पराली जलाने की घटना थमने का नाम नहीं ले रही हैं। खेतों में फसल के अवशेष जलाने वाले 19 किसानों को नोटिस भेजकर कृषि विभाग ने अब तक 49500 रुपये जुर्माना ठोक कर इसमें से 15 हजार रुपये की राशि वसूलने की कार्रवाई भी की गई है। इसके साथ ही पराली प्रबंधन के तहत 20 मीट्रिक टन पराली गोवंशों के लिए गौशालाओं में भी पहुंचाया है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण की तरफ से खेतों में फसल अवशेष जलाना दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। इसी के तहत जिले में पराली प्रबंधन के प्रति जागरूकता लाने के लिए बृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिला प्रशासन की तरफ से पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता वाहन भी संचालित किया जा रहा है। वाहन जिले की 793 ग्राम पंचायतों का भ्रमण करके लोगों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक रही है। इतना प्रचार-प्रसार होने के बावजूद भी किसान खेतों में पराली जला रहे हैं।
बीती 13 नवंबर तक जिले में पराली जलाने के मामले में चिह्नित हुए 19 किसानों पर 49,500 रुपये जुर्माना भी ठोका जा चुका है। इसमें से अब तक 15 हजार रुपये की वसूला भी हो चुकी है।
खेत में फसल अवशेष (पराली) जलाने से मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। इससे फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से पैदावार भी कम होती है। किसान पराली को खेत में जलाने के बजाय बायो डी-कंपोजर की मदद से उसे खेत में ही सड़ाकर खाद के रूप में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने बताया कि खेत में पराली जलाने वाले किसानों को लेखपाल व पंचायत सचिव द्वारा चिन्हित किया जाता है। दो एकड़ से कम क्षेत्रफल में पराली जलाने पर 2500 रुपये, दो से पांच एकत्र क्षेत्रफल में पराली जलाने पर पांच हजार रुपये तथा पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में पराली जलाने पर 15 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।