बलरामपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जहेंद्र पाल सिंह की कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को 10 वर्ष की जेल के साथ 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। आदेश में अर्थदंड की राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को पुनर्वास के लिए दिए जाने का भी निर्देश है।
अभियोजन पक्ष की तरफ से मौजूद अधिवक्ता पवन कुमार शुक्ल ने बताया कि 18 जनवरी 2014 को हरैया थाने में तहरीर देकर पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि गांव निवासी हमीद उसकी नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने मुकदमा लिखकर विवेचना शुरू की। पीड़िता के बरामद होने पर उसका डॉक्टरी परीक्षण कराकर मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया गया। पीड़िता के बयान व साक्ष्यों के आधार पर विवेचक ने हमीद के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म करने व अगवा करने का प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रस्तुत साक्ष्य व गवाही के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि अर्थदंड न चुकाने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।