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Ballia News: लिफ्ट के नीचे गड्ढे में मिला महिला का शव, दो डॉक्टरों पर मुकदमा

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शहर के विजयीपुर स्थित होलिस्टिक क्योर अस्पताल में बृहस्पतिवार की सुबह लिफ्ट के नीचे गड्ढे में एक महिला का शव मिला। शव की शिनाख्त अस्पताल में भर्ती मरीज की सास के रूप में हुई। वह दो दिन से लापता थी। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर और प्रबंधक पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई के लिए सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर अस्पताल के दो डॉक्टरों पर हत्या और सबूत मिटाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया।
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नगरा थाना के ककरी गांव निवासी देवेंद्र वर्मा की बहू प्रज्ञा वर्मा होलिस्टिक क्योर अस्पताल में भर्ती थी। मंगलवार को उसे बेटी पैदा हुई थी। बहू की देखभाल करने के लिए सास मुन्नी देवी (50) साथ में थी। मुन्नी देवी दोपहर में बाथरूम गई थी। इसके बाद से लापता थी। परिजनों ने उनकी काफी खोजबीन की। परिजनों का कहना है कि अस्पताल कर्मचारियों से सीसी कैमरे चेक करने की गुजारिश की, लेकिन भगा दिया गया। दूसरे दिन मरीज की छुट्टी होने पर परिजनों ने मुन्नी देवी की गुमशुदगी की की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज करा दी। तीसरे दिन बृहस्पतिवार को मुन्नी का शव अस्पताल में लगे लिफ्ट के नीचे गड्ढे में लहूलुहान मिला। सिर में गंभीर चोट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है। सफाई के दौरान कर्मचारी की नजर पड़ी तो चिकित्सक को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रज्ञा वर्मा के परिजनों को बुलाया। उन्होंने शव की शिनाख्त मुन्नी देवी के रूप की।



पति ने लगाए गंभीर आरोप

मुन्नी के पति देवेंद्र वर्मा ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से पत्नी की मौत का आरोप लगाया। उसने अस्पताल की महिला डॉक्टर के अलावा प्रबंधक डॉ. जितेंद्र सिंह पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया।
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कोट...

अस्पताल के सीसी कैमरे को खंगाला जा रहा है। मामले में तहरीर के आधार पर डॉ. शशिकला सिंह और डॉ. जितेंद्र सिंह पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना से जुडे अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

- सीओ सिटी एसएन वैभव पांडेय।



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चिकित्सक करते थे लिफ्ट का प्रयोग

अस्पताल कर्मचारियों के अनुसार लिफ्ट का प्रयोग सिर्फ चिकित्सक व ऑपरेशन वाले मरीजों के लिए होता था। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने बताया कि लिफ्ट खराब होने के कारण बंद थी। दरवाजे पर टेप लगाया गया था। घटना स्थल पर पड़ताल के दौरान लिफ्ट के दरवाजे पर नोटिस चस्पा मिला, लेकिन परिजनों को कहना है कि कुछ घंटे पूर्व ही नोटिस को चस्पा किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, महिला ने बाथरूम जाने के चक्कर में उसे खोला और अंदर जाने की जगह नीचे गिर गई। लिफ्ट सबसे ऊपरी मंजिल पर होने के कारण नीचे गिरने से सिर में गंभीर चोट आ गई थी।



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उठ रहे तमाम सवाल

अब पुलिस के सामने बड़ा सवाल है कि लिफ्ट जब ऊपर थी तो महिला से दरवाजा कैसे खुला। परिजनों के बार-बार गुहार के बावजूद कर्मचारी सीसी कैमरे की वीडियो दिखाने से क्यों बचते रहे। तीसरे दिन सफाईकर्मी ने लिफ्ट के फ्लोर का दरवाजा कैसे खोला। इस तरह के तमाम सवालों का जवाब पुलिस अधिकारी खोज रहे हैं।

चिकित्सक दंपती पर कार्रवाई के विरोध में उतर आईएमए

बलिया। चिकित्सक दंपती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व बलिया नर्सिंग होम एसोसिएशन के सदस्यों की आपात बैठक नगर के एक निजी चिकित्सालय में आयोजित की गई। इसमें चिकित्सकों ने पुलिस की कार्रवाई को विधि के विरुद्ध बताया। कहा कि प्रथम दृट्या जांच में मिले साक्ष्य को नजर अंदाज कर नाजायज दवाव बनाने के लिए यह मुकदमा दर्ज किए गया है। सीसीटीवी फुटेज में भी पुलिस अफसरों ने पाया है कि मृतका खुद ही लिफ्ट कक्ष का दरवाजा खोलकर घुसी है। ऐसे में चिकित्सक दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाना सरासर गलत व निराधार है।। इस मौके पर आईएम लए के अध्यक्ष डा. डी राय, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. आफ़ताब आलम, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. अशोक सिंह आदि ने पुलिस द्वारा लिखे गए हत्या के मुकदमे को गलत बताया है।
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