फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ballia News: खरीदे गए थे कूड़ा उठाने के लिए, कबाड़ बन गए

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
बलिया। शहर में कूड़ा उठाने के लिए लाखों की लागत से नगरपालिका बलिया की ओर से खरीदे गए ई-रिक्शा जंक खा रहे हैं। बैटरी और अन्य खराबी के कारण यह ई-रिक्शा लगभग एक वर्ष से पानी टंकी के पास गोदाम में खड़े कर दिए गए हैं। खड़े-खड़े कबाड़ बन गए हैं। टायरों की हवा निकल गई है। वहीं, नगर पालिका का कहना है कि भुगतान न होने से ठेकेदार ने इनकी मरम्मत नहीं कराई।
नगरपालिका प्रशासन की ओर से वर्ष 2019-20 में नगर की सफाई व्यवस्था के लिए 25 ई-रिक्शा की खरीदारी की गई थी। लाखों की लागत से खरीदे गए ई-रिक्शे को कूड़ा ढोने के लिए स्पेशल तरीके से बनवाया गया था ताकि शहर के वार्डों की संकरी गलियों में आसानी से प्रवेश कर ये कचरा संग्रहण कर सके। इससे शहर के 25 वार्डों से गीला और सूखा कूड़ा उठाने का काम किया जाता था। एक-आध वर्ष तक इसका प्रयोग किया गया।
विज्ञापन

देखरेख और समय पर मरम्मत न होने के चलते धीरे-धीरे सभी ई रिक्शा खराब होते चले गए। तत्कालीन ईओ ने सात ई-रिक्शा की मरम्मत करवाई थी। ये कभी-कभार चलते दिखाई दे जाते हैं। शेष 15 से ज्यादा ई-रिक्शा उसी तरीके से गोदामों में धूल फांक रहे हैं या कबाड़ हो गए। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पानी टंकी में बैटरी और उसके चार्जर खराब होने के चलते लाखों की लागत से खरीदे गए ई रिक्शा शो पीस बने हुए हैं। इनकी मरम्मत के लिए कोई प्रयास नहीं होने से यह जंग खा रहे हैं। हालत यही रही तो आने वाले समय में यह कबाड़ घोषित हो जाएंगे।

दिखावा है डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन
बलिया। नगर पालिका परिषद बलिया में कूड़ा कलेक्शन के लिए ई-रिक्शा मंगाए गए थे। स्वच्छ सर्वेक्षण में अपनी रेटिंग सुधारने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का दावा किया गया था। वास्तव में शहर में सभी स्थानों पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो रहा है। कुछ गलियों में हाथ ठेला से कूड़ा एकत्र किया जा रहा है को कुछ शहरवासी अपने घर से निकला कूड़ा निश्चित स्थानों या सड़क किनारे फेंक देते हैं। इस पर लावारिस पशु मुंह मारते रहते हैं और बिखरते रहते हैं। ट्रैक्टरों के माध्यम से इस कचरों को उठाया जाता है।
विज्ञापन

वहीं, वार्ड सात और वार्ड नंबर तीन की गलियों में तो कूड़ा उठान और सफाई ही बंद करा दी गई है। लोग अपने स्तर से कूड़े को ठिकाने लगा रहे हैं। नालियां बजबजा रही हैं। नगर पालिका चेयरमैन संत कुमार ने बताया कि खराबी आने से ये ई-रिक्शा खड़े हैं। कुछ ई-रिक्शा की मरम्मत हुई थी। पेमेंट नहीं होने से ठेकेदार ने मरम्मत करने से मना कर दिया था। इनकी मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें