बलिया। पिछले दो दिन से जनपद में रुक-रुक कर हो रही बारिश से शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के निचले इलाकों में स्थिति नारकीय हो गई है। बारिश ने नगरपालिका प्रशासन के नालों की सफाई के दावे की पोल खोल दी। नालों का गंदा पानी सड़कों पर पसर गया। इस कारण लोगों को आवागमन में भारी दुश्वारियां का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण नगर के विभिन्न मार्ग जलमग्न हैं। शहर के एसपी कार्यालय, पुलिस लाइन आवास, जेल, वीर लोरिक स्टेडियम, काजीपुरा मोहल्ला, आवास विकास कॉलोनी, आनंद नगर कॉलोनी, टैगोर नगर, श्रीराम विहार कॉलोनी, एससी कालेज चौराहा सहित आधे दर्जन मोहल्लों में बरसात का पानी लग जाने के कारण लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है। यह दंश मोहल्ले के लोग वर्ष 2019 से झेलते आ रहे है, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। इस समस्या को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही और सीडीओ विपिन जैन ने गंभीर हुए तो कटहल नाले से लेकर एनसीसी तिराहा तक नाला बनाने की कवायद आरंभ की गई। इसके लिए नगर पालिका द्वारा टेंडर भी किया गया है। पीडब्लूडी निर्माण खंड ने निर्माण करने के लिए टेंडर लिया। यह नाला कटहल नाले से आरंभ होकर पुलिस अधीक्षक आवास तक किसी तरह पहुंच सका है। कार्यदायी संस्था को अभी काफी दूरी तय करनी है। बरसात के दो दिनों में नगर के विभिन्न मोहल्ले के लोगों के घरों में नाली का पानी अंदर प्रवेश कर गया है। इसके कारण लोग अपने आशियाने को लेकर प्रथम तल पर जाने को मजबूर हैं। सबसे बुराहाल काजीपुरा, श्रीराम विहार कालोनी, आवास विकास कालोनी, पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिसकर्मियों का है। इन्हें अगर कुछ सामान लेना है तो गंदे पानी से होकर जाना पड़ रहा है। नगर के श्रीराम विहार कालोनी में पूर्व की भांति वर्तमान में भी जलजमाव एवं नाली, सड़क की समस्याएं तो लेकर काफी समय से आंदोलित हैं। नगरपालिका चेयरमैन अजय कुमार और अधिशासी अधिकारी दिनेश विश्वकर्मा ने कालोनीवासियों को आश्वासन दिया था। प्रदेश के राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने भी आश्वासन दिया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस पड़ी हुई है।