बलिया। जिले के 26 गांवों में कूड़ा निस्तारण केंद्र निर्माण के लिए शासन ने 6.60 करोड़ की स्वीकृति दी है। हालांकि पहले चरण में पांच हजार से अधिक आबादी वाले 164 गांवों को मॉडल ओडीएफ के लिए चिह्नित किया गया है। अब इसे धरातल पर उतारने की कवायद चल रही है। पूर्व में 10 गांवों के लिए 693.73 लाख जारी किया जा चुका है। इस कार्य में 30 फीसदी की धनराशि संबंधित ग्राम पंचायत की निधि से खर्च की जानी है। अब इन गांवों में कूड़ा निस्तारण आसान हो जाएगा और गांव साफ सुथरा दिखेगा।
स्वच्छ भारत अभियान मिशन फेज टू के तहत मेरा गांव, स्वच्छ गांव अभियान अब धरातल पर उतरना शुरू हो गया है। इसके तहत, प्रत्येक राजस्व ग्राम में सामुदायिक सोख्ता गड्ढों और प्लास्टिक एकत्रीकरण केंद्र का निर्माण और ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन किया जाना है। शासन ने जिले के गांवों को स्वच्छ रखने और ठोस तथा तरल कूड़ा प्रबंधन के लिए बुलंदशहर जिले के गांव शहजादपुर कनैनी मॉडल के तहत कार्य कराने का फरमान जारी किया है। पंचायती राज विभाग का एक दल शहजादपुर कनैनी मॉडल का मौके पर जाकर देख चुका है।
इन कचरे का होगा निस्तारण
ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक, पॉलिथीन, धातुओं, कागज, कपड़े, थर्माकोल को कंटेनर के माध्यम से एक जगह पर एकत्र किया जाएगा। इसके अलावा, सफाई कर्मचारी गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र करेंगे और स्थापित संयंत्र तक पहुंचाएंगे। संयंत्र में कूड़ा का निस्तारण के साथ ही जैविक उर्वरक भी तैयार किया जाएगा।
गांवों में कूड़ा निस्तारण केंद्र के लिए शासन की ओर से समय-समय पर धन जारी किया जा रहा है। इसके अनुसार, प्रक्रिया भी चल रही है। कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित होने के बाद संबंधित गांव साफ-सुथरा दिखेगा। - यतेंद्र सिंह, डीपीआरओ, बलिया