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Ballia News: मोटे अनाज के प्रोत्साहन के लिए शुरू होंगी विभिन्न योजनाएं

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बैरिया। मोटे अनाज को अंतराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त होने के बाद सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने इसे अपने राजनीतिक जीवन के लिए ऐतिहासिक बताया। कहा कि वह काफी दिनों से सदन के बाहर व भीतर मोटे अनाजों के उत्पादन करने वाले किसानों को प्रोत्साहन देने, उसका रकबा बढ़ाने व मोटे अनाज से बने व्यंजनों का सेवन करने का आग्रह कर रहा था। प्रधानमंत्री इससे सहमत होकर वर्ष 2023 को विश्व स्तर पर मोटे अनाज उत्पादन के लिए अन्य देशों को बातचीत करके सहमति ली। अपने यहां 2023 को मोटा अनाज उत्पादन वर्ष घोषित किया।
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सांसद ने बुधवार की सुबह सोनबरसा स्थित अपने संसदीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि गंगा, सरयू के तटवर्तीय इलाकों में मोटे अनाज का रिकार्ड उत्पादन होता है क्योंकि इसके लिए हमारी मिट्टी और जलवायु दोनों अनुकूल है। पुराने जमाने में पूर्वज मोटे अनाज पैदा करते थे, उसके बने व्यंजन खाते थे और रोग मुक्त रहते थे। मोटे अनाज के सेवन से लीवर, किडनी, हड्डी व चमड़े के रोग से बचा जा सकता है। सांसद ने कहा कि मोटे अनाजों के उत्पादन व प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार व केंद्र सरकार मिलकर कई योजनाएं शुरू करने जा रही है। इसका लाभ किसानों को मिलेगा। सांसद ने 2023 को मोटे अनाज के उत्पादन के लिए समर्पित करने पर प्रधानमंत्री और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
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