सुखपुरा स्थित सहकाऊी समिति पर यूरिया खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़।
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बलिया। इस वर्ष किसानों को लगातार खाद की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जिलेभर में यूरिया खाद का संकट बना हुआ है। सहकारी समितियों पर यूरिया लेने के लिए मारामारी मची है। बाजारों में यूरिया की कालाबाजारी जारी है जिससे किसान परेशान हैं।
जिले उर्वरक वितरण की व्यवस्था इस वर्ष पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। रबी की बुआई के समय किसानों को डीएपी के लिए भटकना पड़ा और अधिकांश किसानों ने महंगे दामों पर डीएपी खरीद कर किसी तरह बुआई की। कृषि विभाग की ओर से खाद की कमी नहीं होने का दावा किया जाता रहा लेकिन सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त रहीं। खरीफ के दौरान बारिश कम होने के कारण रबी का दायरा अधिक हो गया है। किसान गेहूं की सिंचाई के बाद यूरिया के छिड़काव के लिए परेशान हैं। सहकारी समिति हो या बाजार कहीं भी यूरिया नहीं मिल रहा है। जिन समितियों पर यूरिया पहुंचा वहां किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। बताया जाता है कि बाजारों में दुकानदार महंगे दामों पर यूरिया बेच रहे हैं। खासकर बिहार सीमा से सटे इलाकों में तो न समितियों पर यूरिया मिल रहा है और न दुकानों पर ही उपलब्ध है। किसान गेहूं की सिंचाई के बाद यूरिया के छिड़काव के लिए परेशान हैं।
बांसडीह। सरकारी गोदाम से खाद न मिलने से किसानों में काफी नाराजगी है। मंगलवार को सैकड़ो की संख्या में किसान खाद लेने के लिए सहकारी बीज गोदाम पर पहुंच गए। लेकिन घंटो इंतजार करने के बाद बिना खाद के ही सभी किसानों को अपने अपने घर वापस जाना पड़ा। किसानों ने बताया कि गोदाम का ताला तक नहीं खुला। इस मौके पर अभिषेक मिश्रा मिंटू, मनू वर्मा, दीपक तिवारी, योगेंद्र सिंह, प्रदीप गुप्ता, रघुबर चौहान, गोविंद यादव, राकेश, संदीप यादव आदि ने बताया कि यूरिया नहीं मिला तो गेहूं की फसल चौपट हो जाएगी।