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आधी आबादी संग होने वाला लैंगिक भेदभाव दुर्भाग्यपूर्ण

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जननायक विश्वविद्यालय में आयोजित मिशन शक्ति के आयोजित महिला सशक्तिकरण गोष्ठी को संबोधित करती कु? - फोटो : BALLIA
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बलिया। मिशन शक्ति के तृतीय चरण पर शनिवार को जेएनसीयू के अकादमिक भवन में ‘सुसंस्कृत नारी : सशक्त नारी’ विषयक संगोष्ठी हुई। इस दौरान वक्ताओं ने आधी आबादी संग होने वाले लैंगिक भेदभाव को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मुख्य अतिथि एसडीएम सीमा पांडेय ने कहा कि हमारी परंपरा में स्त्रियों का सम्मान है, लेकिन समय-समय पर स्त्रियों के उत्पीड़न व अत्याचार की घटनाएं भी होती रहती हैं। दु:खद है कि स्त्री को गर्भ में आने के समय से लेकर मृत्यु तक लैंगिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इससे मुक्त होने के लिए स्त्रियों को शिक्षित किया जाना तथा उन्हें जागरूक करना जरूरी है। विशिष्ट वक्ता प्रशिक्षु एसडीएम सुश्री दीप शिखा सिंह ने कहा कि स्त्रियों को अपने संवैधानिक अधिकारों का ज्ञान होना चाहिए। लोक अदालत की अध्यक्ष सपना पांडेय ने कहा कि कानून स्त्रियों के पक्ष में बने हैं। आधी आबादी को विधिक रूप से साक्षर बनाना जरूरी है। कुलपति प्रो0 कल्पलता पांडेय ने कहा कि स्त्री और पुरुष दोनों एक गाड़ी के दो मजबूत पहिये हैं। दोनों के साथ चलने से राष्ट्र का विकास होगा। डॉ. सिद्धार्थमणि दुबे ने कहा कि स्त्री भ्रूण हत्या बंद होनी चाहिये। डॉ. निशा राघव ने मिशन शक्ति की रूपरेखा और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इसके पूर्व छात्रा ट्विंकल ने एसिड अटैक पर आधारित एकल नाट्य प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि ने मिशन शक्ति के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए डॉ निवेदिता श्रीवास्तव, डॉ सुचेता प्रकाश, डॉ आलिया खातून, डॉ नेहा विशेन तथा डॉ अपराजिता उपाध्याय को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वागत डॉ. फूलबदन सिंह, संचालन डॉ. प्रमोद शंकर पांडेय तथा आभार डॉ. निवेदिता श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में संयोजिका डॉ सुचेता प्रकाश, डॉ ओपी सिंह, डॉ गणेश पाठक, डॉ प्रतिभा त्रिपाठी, डॉ अरविंद नेत्र पांडेय, डॉ साहेब दूबे, डॉ अशोक सिंह, डॉ सुधाकर तिवारी, डॉ देवेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
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