नगर से सटे गड़वार रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम पर छापेमारी के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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बलिया/रसड़ा। जनपद में अवैध और मानक के अनुरूप नहीं चलने वाले निजी चिकित्सालयों व नर्सिंग होम की जांच का निर्देश जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने दिया है। इसके लिए उप जिलाधिकारियों व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं। इसके तहत तीन अस्पतालों को सील किया गया है और उनके संचालकों से जवाब मांगे गए हैं।
मंगलवार को रसड़ा के ऋषि हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया। यहां दो मरीजों का ऑपरेशन आयुष चिकित्सक डॉ. सुशील कुमार सिंह ने किया। ऑपरेशन थिएटर में ओटी टेबल, सक्शन मशीन तथा ओटी लाइट की व्यवस्था नहीं पाई गई। अस्पताल का पंजीकरण डॉ. देवेंद्र प्रसाद सरोज (एमएस) तथा डॉ. देवेंद्र रजक (एमबीबीएस) के नाम पर कराया गया है। दोनों डॉक्टर अनुपस्थित थे। उप जिलाधिकारी रसड़ा सर्वेश यादव, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय यादव तथा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसड़ा बब्बन यादव ने हॉस्पिटल को सील कर दिया।
निराला नगर गड़वार रोड स्थित आकांक्षा हॉस्पिटल का निरीक्षण एसडीएम जुनैद अहमद, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. अभिषेक मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पीएचसी वैना डॉ धर्मेंद्र कुमार ने किया। 10 शैया के इस चिकित्सालय में चिकित्सक के प्रबंध ही नहीं थे। पैरामेडिकल स्टाफ शोभा एवं पुष्पा मौजूद थीं। पुष्पा ने बताया कि उनके पास जीएनएम की शैक्षणिक योग्यता है। शोभा 12वीं पास हैं। एक महिला मरीज की हिस्ट्रेक्टमी की गई थी। इमरजेंसी प्रबंधन के लिए जरूरी दवाएं व उपकरण नहीं थे। मरीज के उपचार से संबंधित अभिलेख का रखरखाव भी नहीं पाया गया। ओटी में ताला बंद था और चाबी भी नहीं थी। टीकाकरण किया जाता है लेकिन कोल्ड चेन की व्यवस्था नहीं थी।
उससे पहले सोमवार शाम को जीवन रेखा चिकित्सालय महिला चिकित्सालय रोड एसडीएम जुनैद अहमद, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. अभिषेक मिश्रा तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पीएचसी वैना ने सील कर दिया था।