बलिया। विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट ओमकार शुक्ला की अदालत ने गैंगस्टर के आरोपी को दोषी पाते हुए दो साल का साधारण कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
उभांव के थानाध्यक्ष ने 13 फरवरी 2002 को तहरीर दी थी कि मानिक चंद गुप्ता पुत्र सीताराम गुप्ता निवासी जमालुद्दीनपुर थाना उभांव संगठित गिरोह चलाता है और उसका सरगना भी है। गिरोह के सक्रिय सदस्य मनोज गुप्ता पुत्र सीताराम गुप्ता और कुबेरनाथ पांडेय पुत्र स्व. सीताराम पांडेय हैं। इस गैंग का क्षेत्र में काफी भय व आतंक व्याप्त है। अभियोजन की तरफ से अजय तिवारी विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट ने सजा के बिंदु अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। संवाद