बलिया। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट महेश चंद्र वर्मा की अदालत ने विद्युत चोरी के मामले में सुनवाई करते हुए पूर्वांचल शीतालय एवं कोल्ड स्टोरेज मनियर के प्रबंधक श्रीराम चौरसिया निवासी मनियर को दोषी पाया। उसे दो वर्ष के कठोर कारावास और 12 लाख के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना न देने पर सात माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
25 मार्च 2017 को वादी मुकदमा अवर अभियंता विजय बहादुर यादव ने थानाध्यक्ष मनियर को सूचना दी थी कि अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी विद्युत वितरण खंड तृतीय, सहायक अभियंता ने चेकिंग के दौरान पाया कि प्रबंधक पूर्वांचल शीतालय एवं हिल निर्माण (कोल्ड स्टोरेज) मनियर एचटी मीटर बाईपास कर बिजली का उपयोग कर रहे हैं। तहरीर पर थाना मनियर में मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। कुल छह गवाहों को पेश किया गया। बचाव पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद श्रीराम को दोषी पाया गया। अभियोजन की तरफ से तर्क दिया गया कि आरोपी ने आर्थिक अपराध किया है। एचटी मीटर बाईपास करके बिजली चोरी की। न्यायालय ने पाया कि यह सामाजिक एवं आर्थिक अपराध है।