बलिया। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने अनूप पांडेय पुत्र विश्वामित्र, अनूप प्रजापति पुत्र शिवमिलन निवासी कंचनपुर थाना रेवती के खिलाफ दोष साबित पाते हुए चार वर्ष के साधारण कारावास और 5000 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वादी मुकदमा प्रभारी निरीक्षक थाना रेवती ने 30 नवंबर 2014 को एफआईआर दर्ज कराई थी कि उपरोक्त अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी हैं। इनका आतंक जनमानस में है। यह एक संगठित गिरोह बनाकर अपने और अपने साथियों के लिए आर्थिक और बुनियादी लाभ लेने के लिए कार्य करते हैं। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय ने मामले की सुनवाई की। अभियोजन के तरफ से अजय कुमार तिवारी विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अभियुक्त के खिलाफ दोष साबित पाया गया और उपरोक्त सजा सुनाई।