छपरा से सुरेमनपुर के रास्ते वाराणसी सहित किसी भी महानगर में जाने के लिए रविवार को यात्रियों को ट्रेन नहीं मिली। सिर्फ (05135) अप छपरा और बिहार डेमू पांच घंटे लेट छपरा से सुरेमनपुर पहुंची। पांच मिनट रुकने के बाद आगे के लिए प्रस्थान कर गई।
मात्र 30 किलोमीटर यात्रा तय करने में डेमू को पांच घंटे विलंब हो गया। इसके अलावा महज एक ट्रेन रात में नौ बजे (10062) अप पवन एक्सप्रेस लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए रवाना हुई। इसके बाद कोई भी ट्रेन लखनऊ, दुर्ग, महाराष्ट्र या किसी भी महानगर के लिए अप में नहीं गई।
एकमात्र डाउन औड़ियार-छपरा डेमू ही छपरा की तरफ गई। शेष सभी ट्रेनों को या तो मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है, या रद्द कर दिया गया है। कोई भी जिम्मेदार इस पर मुंह खोलने को तैयार नहीं है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि छपरा में रिमॉडलिंग का कार्य शनिवार को ही पूरा हो चुका है।
ऐसे में ट्रेनों के थोक में रद करने या मार्ग परिवर्तन करने का क्या औचित्य है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि किसी भी ट्रेन को मार्ग परिवर्तित करने या रद करने के पहले इसकी सूचना रेलवे विभाग सार्वजनिक नहीं करता है। इससे लोग परेशान है। ट्रेनों के आवागमन बंद होने से सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन वीरान पड़ा हुआ है।