बलिया। शनिवार को जनचेतना की ओर प्रो. मैनेजर पांडेय की स्मृति में एक श्रद्धांजलि सभा और विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। हिंदी के प्रसिद्ध आलोचक एवं जेएनयू में भारतीय भाषा केंद्र के अध्यक्ष रहे प्रो मैनेजर पांडेय का निधन 6 नवंबर 2022 को दिल्ली में उनके आवास पर हो गया था।
वक्ता के रूप में प्रो. जैनेंद्र कुमार पांडेय ने अपने छात्र जीवन के दौरान उनसे जुड़े कई महत्वपूर्ण संस्मरण साझा किए और उन्हें एक श्रेष्ठ शिक्षक, आलोचक, जन-बुद्धिजीवी एवं संवेदनशील इंसान के रूप में याद किया। कहा कि उन्होंने अपने सिद्धांतों एवं मूल्यों से कभी कोई समझौता नहीं किया। उनके व्यक्तित्व में विचार और व्यवहार का अद्भुत साम्य था, जो इस दौर के अधिकांश विचारकों और बुद्धिजीवियों में नहीं दिखता। रणजीत सिंह ने कहा कि वे महज किताबों तक सीमित रहने वाले आलोचक नहीं थे। उन्होंने समकालीन राजनीति और सामाजिक समस्याओं पर भी बहुत बेबाकी से लिखा। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि ऐसे व्यक्ति का जीवन चरित्र हमेशा प्रेरणा प्रदान करता हैं। इस मौके पर तेजनारायण सिंह, प्रेमप्रकाश सिंह, जीतेंद्र यादव आदि ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता कामेश्वर लाल श्रीवास्तव ने की।