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प्लेटफार्म एक पर टूटे हुए स्लीपर से आ रही ट्रेनें

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रेलवे स्टेशन परिसर स्थित स्लीपर जर्जर होने के चलते लकड़ी का टुकड़ा लगा कर किया जा रहा ट्रेनों का ? - फोटो : BALLIA
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बलिया। मॉडल रेलवे स्टेशन पर रेल महकमा की लापरवाही भी देखने को मिली। टूटे स्लीपर को बदलने के बजाय लकड़ी का टुकड़ा लगाकर ट्रेनों को संचालित किया जा रहा है। अगर ट्रेने के दबाव में कहीं रेल पटरी चटक गई तो बड़ा जोखिम उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा, प्लेटफार्म पर डिस्प्ले बोर्ड भी खराब पड़ा हुआ है। मॉडल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार सुंदरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसमें पार्क से लेकर ओवरब्रिज, स्वचालित सीढ़ी आदि शामिल हैं। लेकिन इस बीच लापरवाही भी देखने को मिल रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर लगाया गया डिस्प्ले बोर्ड खराब चल रहा है। पूछताछ में पता चला कि प्लेटफार्म नंबर एक का डिस्प्ले दो-तीन दिन में चालू हो जाएगा। जबकि प्लेटफार्म नंबर तीन पर लगा डिस्प्ले अब भी खराब पड़ा हुआ है। इससे यात्रियों को अपने बोगी में चढ़ने के दौरान परेशानी होती है। वहीं, प्लेटफार्म नंबर दो पर आज तक डिस्प्ले लगा ही नहीं। बता दें कि प्लेटफार्म एक पर स्थित स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के सामने सीमेंट के लगे सात-आठ स्लीपर टूट चुके हैं। इसमें दो से तीन स्लीपर तो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसमें लकड़ी का गुटका लगाकर विभाग प्रतिदिन ट्रेनों को संचालित कर रहा है। हालांकि प्लेटफार्म पर ट्रेन के पहुंचने के बाद स्पीड कम हो जाती है। बावजूद इसके, अगर पटरी धंसी तो फिर हादसा होने से भी कोई नहीं रोक सकता है। विभाग का लापरवाही इस कदर है कि टूटे स्लीपर को बदलने के बजाय पटरी के नीचे लकड़ी का गुटका लगाकर ट्रेनों को संचालित कर रहा है। स्टेशन अधीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर कार्य चल रहा है। इसमें अंडरग्राउंड केबल बिछाए जा रहे हैं। इसके चलते डिस्प्ले प्रभावित है। स्लीपर टूटा नहीं है। लकड़ी का गुटका लगाया जाता है।
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