रेवती। आईबीएस स्टेशन रेवती को पुनः स्टेशन का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को स्टेशन बचाओ संघर्ष समिति और व्यापार मंडल के लोग रेवती रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। धरना दिया।
बाजार स्थित मठिया से व्यवसायियों का जत्था तथा बस स्टैंड से स्टेशन बचाओ संघर्ष समिति के लोग राष्ट्रीय ध्वज लिए नारों के साथ जुलूस के रूप में स्टेशन के लिए रवाना हुए। स्टेशन के समीप विभिन्न गांवों के लोग भी अपने जत्थे के साथ इकट्ठा हो गए। दोनों संगठनों के नेतृत्व में पूरे दिन तक धरना चला। रविवार को ही क्रमिक अनशन भी शुरू कर दिया गया। रेलवे की ओर से रेवती रेलवे स्टेशन को अप्रैल 2023 में आईबीएस की श्रेणी में डाल दिया गया था। उसके कुछ दिनों के बाद प्लेटफार्म नंबर एक की रेल पटरियां उखाड़ ली गईं। इसको लेकर क्षेत्रीय जनता आक्रोशित है।
स्टेशन के पास हुए धरना में वक्ताओं ने कहा कि दर्जनों बार रेल विभाग के उच्चाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देते हुए स्टेशन को उसके पुराने श्रेणी में ही रखे जाने की मांग की जाती रही, लेकिन किसी प्रकार की सार्थक कार्यवाही नहीं हो सकी। स्वतंत्रता के आन्दोलन के समय इस स्टेशन पर पहली बार तिरंगा फहराया गया। कहां तक इस स्टेशन की प्रोन्नति की जाती, इसके उलट इसे आईबीएस की श्रेणी में डाल दिया गया। स्टेशन के परिक्षेत्र में ब्लाक मुख्यालय के साथ थाना, डाकखाना, कई डिग्री तथा इंटर कॉलेज, मवेशी अस्पताल, बड़ा बाजार है। सैकड़ों लोगों का बाहर के क्षेत्रों में ट्रेनों से आवागमन होता रहता है।ऐसे में इस स्टेशन को आईबीएस घोषित करना सरासर गलत है। मांग पूरी होने तक आन्दोलन जारी रहेगा। अमरनाथ यादव ने रेवती के आन्दोलन में हर प्रकार के सहयोग की बात कही। बैरिया सीओ मो. उस्मान के साथ पहुंचे एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी को ज्ञापन सौंपने के बाद धरना संपन्न हुआ। एसडीएम ने ज्ञापन लेने के बाद हिदायत दी कि जनपद में निषेधाज्ञा लागू है। यदि आप धरना ही करना चाहते हैं तो चार से अधिक की संख्या में न रहें। कमेटी के लोग इस पर अपनी सहमति जताई। वीरेश तिवारी की अध्यक्षता में चले धरना में लक्ष्मण पाण्डेय, अरविन्द गांधी, ओमप्रकाश कुंवर, विरेन्द्र गुप्ता, भोला ओझा, महावीर तिवारी, सुनीता पाण्डेय, संतोष सिंह, वृषकेतु पाण्डेय, पप्पू पाण्डेय, सुनील केशरी आदि मौजूद रहे।
आरपीएफ तथा प्रदर्शनकारियों के बीच बहस : रेवती। रेवती रेलवे स्टेशन पहुंचने के पूर्व रेलवे क्राॅसिंग के पहले प्रदर्शनकारियों को आरपीएफ ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इंस्पेक्टर बब्बन कुमार सिंह का कहना था कि आप लोग रेलवे की सीमा के बाहर धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रदर्शनकारियों पुराने टिकट घर तथा कार्यालय के दक्षिण वाले मार्ग पर धरना करने पर अड़े थे। काफी जद्दोजहद के बाद किसी प्रकार प्लेटफार्म नंबर दो के उत्तरी भूमि पर धरना स्थल तय किया जा सका।
धरना के समर्थन में दुकानें रहीं बंद : रेवती। रेलवे स्टेशन रेवती को उसके पुराने दर्जे में शामिल करने के लिए रविवार से शुरू धरना के समर्थन में नगर के व्यवसायियों ने अपनी अपनी दुकानें बन्द कर ऐतिहासिक बन्दी रखी। उद्योग व्यापार मंडल रेवती की इकाई के नेताओं ने धरना के पूर्व शाम को व्यवसायियों से आह्वान किया था कि रेलवे स्टेशन रेवती को उसके पुराने दर्जे में शामिल करने के लिए हो रहे धरना में व्यवसायी अपने प्रतिष्ठानों को बन्द कर आन्दोलन को समर्थन देने के साथ धरना में आवश्यक रूप से उपस्थित हो कर धरना को सफल बनाएं। रविवार की सुबह से ही दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बन्द कर धरना प्रदर्शन को समर्थन दिया।
क्रमिक अनशन शुरू : रेवती। धरने को संचालित कर रहे ओमप्रकाश कुंवर ने कमेटी के नेताओं से सलाह के बाद घोषित किया कि आन्दोलन क्रमिक अनशन के रूप में आज से ही शुरू कर दिया गया है। एसडीएम बांसडीह को ज्ञापन सौंपने के बाद क्रमिक अनशन की घोषणा की। लक्ष्मण पाण्डेय, ओमप्रकाश कुंवर, महावीर तिवारी और भजुराम प्रजापति अनशन पर बैठे रहे।