प्रदेश की राज्यपाल व जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू) की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने रविवार को कहा कि वर्तमान परिवेश में महिला के बजाए पुरुष सशक्तीकरण अभियान चलाने की जरुरत है। जेएनसीयू के पांचवें दीक्षांत समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ युवा विदेश चले जा रहे हैं, जबकि अधिकांश ड्रग्स का शिकार होकर जीवन बर्बाद कर ले रहे हैं। जेएनसीयू के पिछले तीन दीक्षांत समारोहों में विश्वविद्यालय की लड़कियों ने बाजी मारी है। छात्र पिछड़ जा रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही राज्यपाल ने कहा कि अब तक जिन विश्वविद्यालयों के दीक्षांत में वह गई हैं, वहां गोल्ड मेडल पाने वालों में 80 फीसदी छात्राएं और छात्रों की संख्या 20 प्रतिशत ही दिखाई दी है। कहा कि पुरुष प्रधान समाज लंबे समय से महिलाओं के पीछे पड़ा था, जिसके कारण सरकार ने महिलाओं के विकास के लिए तमाम योजनाओं का संचालन किया है। इसका परिणाम है कि महिलाएं अब पुरुषों से आगे निकल रही हैं। भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के रूप आंदोलन चलाया, जिसके परिणाम स्वरूप अब माहौल बदल गया है। अब युवा धन को बचाना आवश्यक हो गया है। इसके पूर्व राज्यपाल ने अपने संबोधन की शुरुआत महर्षि भृगु, क्रांतिकारी मंगल पांडेय, चित्तू पांडेय, साहित्यकार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी, परशुराम चतुर्वेदी, अमरनाथ के अलावा लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पूर्व पीएम चंद्रशेखर को नमन कर किया।