लालगंज। उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाले शिवपुर घाट बन रहे पक्के पुल का निरीक्षण करने सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक डीआर सिंह रविवार को पहुंचे। कहा कि सेतु के ऊपरी भाग का टेंडर कोई कंपनी नहीं ले रही है। जो धनराशि निर्धारित है, महंगाई के कारण लागत उससे ज्यादा आ रही है। इसे बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। निर्माण करने वाली कंपनियों से भी बातें चल रही हैं।
यह प्रोजेक्ट 2016 का है। बिहार सरकार व वाटर विभाग से एनओसी मिलने में पांच साल लग गए। 2021 में कार्यारंभ हुआ। देर होने के कारण लागत बढ़ गई और प्रोजेक्ट के समय जो धनराशि निर्धारित की गई थी। उसमें होना संभव नहीं है। इसलिए कोई कंपनी ऊपरी भाग का टेंडर नहीं ले रही है। इसे बढ़ाने के लिए शासन में प्रस्ताव भेजा गया है।
वहीं, दूसरी तरफ कंपनियों से भी बात हो चुकी है। सेतु का निर्माण कार्य हर हाल में निर्धारित समय पर पूरा होगा। प्रदेश सरकार का जो निर्धारित समय है। उसके अंदर शासन को सुपुर्द करना है। नहीं तो ठेकेदार से रिकवरी होगी। तीन पिलर गंगा की मुख्यधारा में बनने हैं। उसकी सामग्री समय से नहीं आ सकी।
यही वजह है कि इस वर्ष उसका निर्माण आरंभ नहीं हो सका। पानी लेवल से कोई फर्क नहीं पड़ता। जहां पिलर बनना है 14 मीटर पानी है। इस वाटर लेवल में आसानी से पिलर बन जाएंगे। तीनों पिलर एक साथ पड़ेगा। उसकी सामग्री अब आ गई है। अक्टूबर में यह कार्य आरंभ हो जाएगा। 19 पिलर के सापेक्ष 16 का कार्य प्रगति पर है।