गंगा का बढ़ाव मंद होने से लोगों को कुछ राहत मिली थी कि मंगलवार की सुबह गंगा की लहरों स्पर संख्या 27.500 पर पूरब साइड के हिस्से पर हमला बोल दिया। स्पर का हिस्सा कटकर गंगा में समाने लगा। यह स्थिति देख एनएच-31 की उत्तर दिशा में बसे लोगों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना बाढ़ विभाग के उच्चाधिकारियों को दी। आनन-फानन में पहुंचे बाढ़ विभाग ने मिट्टी से भरी बोरियों को डालनी शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल रहा था। ये देख बाढ़ विभाग के हाथ-पांव फूलने लगे। किसी तरह कटान को रोकने के देर शाम तक लगे रहे, लेकिन पूर्णतया सफलता नहीं मिल पाई।
गत वर्ष 11 करोड़ की लागत से चौबे छपरा के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 से लेकर गंगा नदी के किनारे तक स्पर संख्या 27.500 को बनाया गया था। हल्की सी ही बाढ़ में स्पर का अगला हिस्सा कटना शुरू हो गया था। विभाग एक माह पहले किसी तरह उसको ठीक करने के प्रयास में लगा रहा, लेकिन जलस्तर घटा तो बाढ़ विभाग भी सुस्त पड़ गया। गंगा जब हाई फ्लड लेवल के करीब पहुंची तो स्पर की अग्नि परीक्षा शुरू हो गई। बाढ़ विभाग व उसके ठेकेदारों के काली करतूतों की पोल खुल गई। देर शाम तक बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता मोहित गुप्ता, अवर अभियंता जावेद अहमद, प्रशांत गुप्ता, अमरनाथ वर्मा के साथ ही पुलिस बल तैनात थी। एक्सईएन संजय कुमार मिश्र ने कहा कि स्पर का कार्य मानक को ध्यान में रख कर किया गया था। गंगा नदी के विकराल रूप धारण करने के बाद नदी की बैकरोलिंग धारा से नोज पर मामूली दबाव बन रहा था। इसे बम्बूक्रेट विधि से कंट्रोल कर लिया गया है। फिलहाल कोई खतरे की बात नहीं है। स्पर सुरक्षित हैं।
ठोकर पर पुलिस का पहरा
चौबे छपरा के सामने बने ठोकर 27.500 पर पुलिस का पहरा लग गया है। पुलिस आम लोगों को कटाना स्थल तक जाने से रोक रही है। साथ ही लोगों को अलर्ट रहने का निर्देश भी दे रही है। रामगढ़ चौकी इंचार्ज ने ठोकर के बगल में टिले पर रह रहे लालजी पासवान, राजेश यादव को तत्काल बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
सौतेले व्यवहार का आरोप लगा दिया धरना
ग्राम सभा गोपालपुर के बाढ़ पीड़ित युवतियों ने बैरिया तहसील प्रशासन पर बाढ़ राहत पैकेट बांटने में सौतेला व्यवहार आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के दुबे छपरा ढाले पर धरने पर बैठ गई। जैसे ही इसकी सूचना तहसील प्रशासन को हुई हड़कंप मच गया। उप जिलाधिकारी बैरिया अत्रेय मिश्रा ने लड़कियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मौके पर जिलाधिकारी को बुलाने की जिद पर अड़ी रहीं। लड़कियों का आरोप था के क्या हम लोग अपने घर में खाना नहीं खाते हैं। जब हमें वोट देने का अधिकार है तो हमें राशन, केरोसिन क्यों नहीं दिया जा रहा है। उपजिलाधिकारी ने उनको आश्वासन दिया कर हर हाल में आप लोगों को भी राशन दिया जाएगा। तब जाकर लड़कियों का प्रदर्शन शांत हुआ।
पीड़ितों को पका-पकाया भोजन
जिला प्रशासन द्वारा सुघर छपरा से पांडेयपुर तक एनएच 31 के किनारे आश्रय लिए बाढ़ पीड़ितों को दोनों समय पका पकाया भोजन दिया जा रहा है। उप जिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्र ने दुबे छपरा बाढ़ राहत केंद्र पर बताया कि प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। पीड़ितों को सुबह 10 बजे से 12 के बीच 25000 पैकेट चावल, छोले और अचार दिया गया। शाम को 6 बजे से 8 बजे के बीच पूड़ी तथा सब्जी दी गई। बच्चों के पठन-पाठन की व्यवस्था दुबे छपरा में बैंक परिसर तथा हनुमान मंदिर के पास की गई है। मिड-डे-मील भी खिलाया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को रामायण, महाभारत और प्रेरणा पद चलचित्र दिखाए जा रहे हैं। कौशल विकास योजना के तहत दया छपरा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बालिकाओं को सिलाई, बुनाई और ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सुघर छपरा, गोपालपुर, दया छपरा, पांडेपुर आदि गंगा के लोगों को डिमांड के अनुसार छोटी व मझौली नावें उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, कुछ लोग पैकेट की शिकायत कर रहे हैं। बताया कि किसी को छोले मिलते है किसी में नहीं। चावल की मात्रा भी एक आदमी के भरपेट भोजन लायक कम है।
सरयू भी हुई विकराल, कई विद्यालय बंद
सरयू नदी में जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के चांददीयर पंचायत के कई पुरवे पानी के चपेट में आने शुरू हो गए हैं। आवागमन बाधित हो गया है। सरकारी अमला अभी तक इस तरफ ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा है। टोला फतेह राय, बकुल्हा, चक्की चांददीयर, पलटू नगर , श्रीपालपुर के डेरा, बैजनाथ के डेरा, चांददीयर नई बस्ती, लोहा टोला, पियारी के डेरा, व इब्राहिमाबाद नौबरार के शिवनरायन टोला, दलेल टोला, रमेश्वर टोला, नौका टोला, सुफल टोला आदि पानी से चारों तरफ घिर गए हैं। किसानों की करीब दो सौ एकड़ मक्का, धान, परवल डूब गया है। बितन सिंह, ध्रुप सिंह, रॉकी सिंह, बीरेंद्र यादव, सूचित यादव, सुरेंद्र यादव, मुन्ना पासवान, सुनेश्वर पासवान, अमित शर्मा, सुनील चौधरी ने बताया कि कोई नुमाइंदा इनका हाल जानने नहीं आया। नाव भी नहीं मिल रही है। पलटू नगर प्राथमिक विद्यालय, बकुल्हा पूर्वी प्राथमिक विद्यालय, टोला फतेह राय के प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं।
पानी ने रिहायशी इलाकों में किया प्रवेश
गड़हांचल में गंगा व सहायक नदियों का रूप भयावह होता जा रहा है। इससे तटवर्ती इलाके में बाढ़ का संकट बढ़ता जा रहा है। दियारे समेत तटीय क्षेत्रों के रिहायशी इलाके में पानी प्रवेश कर गया है। दियारा क्षेत्र के कई जलमग्न हो गए हैं। आश्रय की तलाश में भटकते हुए जानवरों का झुंड इधर-उधर जीवन गुजार रहे हैं। प्रशासनिक अमला राहत व बचाव के बजाए सिर्फ निरीक्षण कर अपना कोरम पूरा कर रहा है। इलाके में पर्याप्त नाव का इंतजाम नहीं है। कई गांवों का संपर्क टूट गया है। गंगा, टोंस, मगई नदी ने इलाके को जलमग्न कर दिया है। चारे का इंतजाम करना भारी पड़ रहा है। पीड़ितों को मिट्टी तेल की आवश्यकता है लेकिन मिल नहीं रहा है। बाढ़ पीड़ित बैरिया थम्हनपुरा मार्ग पर ठौर बना रहे हैं।