रामगढ़। गंगा की प्रलयंकारी लहरों ने अब तबाही मचानी शुरू कर दी है। जिसके चलते गंगा पुर डागरा से लेकर सोनारटोला, अवशेष बचे चौबे छपरा, दुबे छपरा व नौरंगा में गंगा की लहरें कटान करनी शुरू कर दी है। गंगा के बढ़ते जलस्तर व कटान को देखते हुए गंगा के मुहाने पर बसे सभी गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है। बता दे कि जिन-जिन डेंजर जोन में गंगा नदी कटान कर रही है, वहां पर गंगा के कटान से बचाव के लिये प्रोजेक्ट के धन से कटान रोधी काम शुरू हुआ था। लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रोजेक्ट का काम बंद हो गया है। बाढ़ विभाग अब इन स्थानों पर फ्लड फाइटिंग के तहत बालू से भरी बोरियों को या हरे पेड़ों की टहनियों को काटकर नदी में डालने शुरू कर दिए हैं। सबसे विकट यह है कि गंगा की उफनाती लहरों में इन बोरियों व हरे पेड़ों का कहीं अता पता नहीं चल पा रहा है। जिसके चलते बाढ़ विभाग व ठेकेदार जमकर चांदी काट रहे हैं। बाढ़ विभाग जान बुझकर ही प्रोजेक्ट के काम देर से लगाते हैं, ताकि गंगा का जलस्तर बढ़ जाय और प्रोजेक्ट का काम रुक जाए। इसके बाद फ्लड फाइटिंग के तहत जमकर मलाई काटी जाए। अगर गंगा खतरे के निशान को पार करती है तो राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के साथ ही गंगा के मुहाने पर बसे गांव सोनार टोला रामगढ़, बनिया टोला रामगढ़, सुघर छपरा, केहरपुर ,दुबे छपरा, उदई छपरा, गोपालपुर ,नौरंगा,भुआल छपरा, आदि गाँवों का अस्तित्व मिट सकता है।