बैरिया। सामाजिक समरसता समृद्ध व सशक्त राष्ट्र के लिए आवश्यक है। किसी भी परिस्थितियों में देश में सामाजिक समरसता कायम रहना चाहिए। इस देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। कृषि में किसान के साथ समाज का हर वर्ग सहयोगी के रूप में काम करता है। उक्त बातें भारतीय किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहीं। वह रविवार को सोनबरसा स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि समाज में समरसता बढ़ाने के लिए जिम्मेदार लोगों को जरूरी उपाय करने चाहिए। किसानों की आमदनी बढ़े इस पर भरपूर कार्य होना चाहिए। भेदभाव की राजनीति किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। भाजपा शासित राज्यों में भय मुक्त समाज की स्थापना हो चुकी है।