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नया कृषि कानून किसानों के हित में है:मस्त

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बैरिया। भाजपा किसान मोर्चा के निवर्तमान अध्यक्ष व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि किसान कानून के नाम पर विपक्षी पार्टियां किसानों को बरगला कर अपना स्वार्थ साधने का प्रयास कर रही हैं। किंतु विपक्षियों को इसमें सफलता नहीं मिलेगी। किसानों के साथ बातचीत से सारा मसला हल हो जाएगा। इसीलिए कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल चाहते हैं कि सरकार के साथ किसानों की वार्ता न हो। श्री मस्त मंगलवार को अपने संसदीय कार्यालय सोनबरसा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू हो जाने से किसानों की आय बढ़ेगी। यह पूरी तरह से किसानों के हित में है। जिन लोगों ने 70 वर्षों से किसानों का शोषण किया है वही लोग आज किसानों का हितैषी बनकर अपना मतलब साधने में लगे हुए हैं। किसान जीव मात्र का भरण करने वाले व्यक्ति का नाम है। मैं भी एक किसान हूं और किसान होने के नाते मैं यह दावे के साथ कहता हूं कि किसान कानून किसानों के हित में है। उन्होंने कहा कि नए कानून के मुताबिक किसान अपनी मर्जी से अपना उत्पादन कहीं भी बेचने को स्वतंत्र हैं। वह चाहे सरकारी संस्थाओं को अपना उत्पादन बेचें अथवा बाजार में या देश के किसी प्रांत में। इसमें उनका नुकसान कैसे होगा। यह हम लोगों के समझ के परे है। न्यूनतम समर्थन मूल्य बंद नहीं होगा इसकी गारंटी भाजपा का कोई भी जनप्रतिनिधि सरकार की तरफ से लिखकर दे सकता है। इसमें अब क्या परेशानी है यह बातचीत के बाद हल हो जाएगा। एक-दो दिन में गृह मंत्री के साथ किसान नेताओं की बातचीत हो जाएगी। इसके बाद मैं वादा करता हूं किसानों का भ्रम दूर हो जाएगा। उनका आंदोलन भी स्थगित हो जाएगा और उन्हें बरगलाने वाले लोग मुह की खाएंगे।
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