बलिया। गांवों के विकास को लेकर भेजी गई धनराशि की अब मॉनिटरिंग होगी। धनराशि खर्च नहीं करने वाले ग्राम सचिवों को चिह्नित किया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
गांवों के विकास के लिए अलग-अलग मदों के तहत समय-समय पर पंचायती राज विभाग की ओर से किस्तवार धनराशि मुहैया कराई जाती है। लेकिन अधिकांश ग्राम पंचायतें महीनों तक धनराशि को खाते में डंप रखती हैं। इसके चलते ग्रामीणों को कार्ययोजना के सापेक्ष होने वाले विकास कार्यों का लाभ नहीं मिल पाता है। अब पंचायती राज विभाग ग्राम पंचायतों को भेजी जाने वाली धनराशि का हर महीने मॉनीटरिंग करेगी। जिन ग्राम पंचायतों में कार्ययोजना के तहत कराए गए कार्य के सापेक्ष धनराशि कम खर्च होने व कार्ययोजना में स्वीकृत कार्य शुरु नहीं होने पर संबंधित सचिवों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। विभाग की ओर से इसकी तैयारी की जा रही है। इस बाबत डीपीआरओ एसके सिंह ने बताया कि गांवों के विकास को भेजी गई धनराशि को हर हाल में समय से खर्च करना आवश्यक है। धनराशि डंप होने पर संबंधित सचिव की जिम्मेदारी तय की जाएगी।